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विदेश मंत्रालय ने दी खुशखबरी, ओमान के पास भारतीय जहाज पर हमले की खबर की सच्चाई आई सामने; सभी नाविक सुरक्षित

ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले जहाज MT लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबरों को विदेश मंत्रालय ने गलत बताया है. मंत्रालय के अनुसार जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: ओमान की खाड़ी के पास एक और भारतीय चालक दल वाले जहाज पर हमले की खबरों को भारत सरकार ने खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों में चल रही खबरें गलत हैं तथा संबंधित जहाज के सभी क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं.

दरअसल, शनिवार को कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि MT लियाकी फ्रीडम नामक तेल और रासायनिक टैंकर ओमान की खाड़ी में निशाना बनाया गया है. रिपोर्ट्स में कहा गया था कि जहाज ने वीएचएफ संचार का जवाब देना बंद कर दिया था, जिसके बाद हमले की आशंका जताई गई. 

रिपोर्ट्स में क्या किया गया दावा?

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि जहाज पर भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं और उनके हताहत होने की आशंका है. हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. मंत्रालय के अनुसार अधिकारियों ने सीधे जहाज के मास्टर से संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और हमले की खबरें गलत हैं.


विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जहाज के कप्तान से बातचीत में यह स्पष्ट हो गया कि जहाज सामान्य स्थिति में है और किसी प्रकार की घटना नहीं हुई है. इसके बाद सरकार ने अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील भी की.

इससे पहले भारतीय नाविकों के संगठन फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने भी शुरुआती जानकारी के आधार पर हमले की आशंका जताई थी लेकिन बाद में संगठन ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि जहाज के चालक दल ने पुष्टि की है कि टैंकर पर कोई हमला नहीं हुआ.

कब-कब हुआ हमला?

हाल के दिनों में ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं. 8 जून को एमटी मैरीवेक्स पर हमला हुआ था, जिसमें मौजूद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. इसके बाद 10 जून को MT सेट्टेबेल्लो पर हमले में तीन नाविकों की मौत हो गई थी. वहीं 11 जून को एमटी जलवीर को भी निशाना बनाया गया, लेकिन उसके सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए थे.

इन घटनाओं के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर मामले पर भारत की चिंता व्यक्त की है. भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और व्यापारिक जहाजों को बिना किसी खतरे के आवागमन की अनुमति मिलनी चाहिए.