अमेरिका में भयंकर बर्फीला तूफान, 10 हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द, लाखों घरों की बिजली गुल

अमेरिका के पूर्वोत्तर में आए शक्तिशाली बर्फीले तूफान ने सोमवार को जनजीवन ठप कर दिया. 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, न्यूयॉर्क में 15 इंच से ज्यादा बर्फ गिरी, यात्रा पर प्रतिबंध लगे और 5.7 लाख से ज्यादा घरों में बिजली गुल हो गई.

@Osint613
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्वोत्तर इलाकों में सोमवार को एक जबरदस्त बर्फीला तूफान आया, जिसने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में लपेट दिया. तेज हवाओं और भारी बर्फबारी से सड़कें खतरनाक हो गईं, हवाई अड्डे खाली पड़ गए और स्कूल-दफ्तर बंद हो गए. न्यूयॉर्क, बोस्टन, फिलाडेल्फिया जैसे बड़े शहरों में जनजीवन लगभग ठहर सा गया. मौसम विभाग ने इसे ब्लिजार्ड घोषित किया. हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई और लाखों लोग घरों में कैद हो गए.

उड़ानों पर भारी असर

शनिवार से मंगलवार तक 10,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. सोमवार को अकेले 5,000 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं और मंगलवार के लिए भी 1,300 से ज्यादा रद्द हो गईं. न्यूयॉर्क के जेएफके, लॉगार्डिया, बोस्टन लोगान और न्यूर्क जैसे प्रमुख हवाई अड्डे सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. एयरलाइंस ने तूफान के चरम से पहले ही सावधानी बरतते हुए उड़ानें रोक दीं. 

यात्रा पर सख्त पाबंदियां

न्यूयॉर्क शहर में सोमवार दोपहर तक गैर-जरूरी यात्रा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई. न्यूयॉर्क राज्य, न्यू जर्सी और रोड आइलैंड के कई हिस्सों में भी ऐसी ही पाबंदियां लगाई गईं. इंटरस्टेट 95 कॉरिडोर पर यात्रा लगभग असंभव हो गई. मेयर जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्कवासियों से घर पर रहने की अपील की है. तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी से सड़कें खतरनाक बनी रहीं. 

बर्फबारी और बिजली गुल

न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में 15 इंच से ज्यादा बर्फ दर्ज की गई, लॉन्ग आइलैंड और न्यू जर्सी में दो फीट तक पहुंच गई. फिलाडेल्फिया में एक फीट और बोस्टन में शाम तक बर्फबारी जारी रही. तेज हवाओं (35-60 मील प्रति घंटा) से ब्लिजार्ड स्थिति बन गई. पूर्वी तट पर 5.7 लाख से ज्यादा घरों-व्यवसायों में बिजली गुल हो गई. मैसाचुसेट्स और न्यू जर्सी सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. 

आपातकाल और राहत कार्य

न्यूयॉर्क गवर्नर कैथी होचुल ने नेशनल गार्ड को तैनात किया. मैसाचुसेट्स में आपातकाल घोषित कर गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को घर रहने को कहा गया. यूटिलिटी टीमें तेज हवाओं और गहरी बर्फ में बिजली बहाल करने का प्रयास कर रही हैं. संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय भी दिन भर बंद रहा. तापमान गिरने से स्थिति और जटिल हो गई है.