क्या एपस्टीन ने 2018 में 330 गैलन सल्फ्यूरिक एसिड ऑर्डर किया था? फाइलों के खुलासे से नई साजिशों को मिली हवा
एपस्टीन फाइलों से पता चला कि दिसंबर 2018 में एपस्टीन से जुड़ी एक कंपनी ने 330 गैलन सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा था. डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि इसका इस्तेमाल रिवर्स ऑस्मोसिस वॉटर ट्रीटमेंट में किया जाना था.
नई दिल्ली: एपस्टीन फाइलों से हाल ही में हुए खुलासों ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े 2018 के एक कम ध्यान दिए गए ट्रांजैक्शन पर फिर से ध्यान खींचा है. उनके प्राइवेट आइलैंड पर भेजे गए 330 गैलन इंडस्ट्रियल-ग्रेड सल्फ्यूरिक एसिड की खरीद. इस खुलासे ने नई ऑनलाइन अटकलों को हवा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि यह ऑर्डर कब दिया गया था, कितनी मात्रा में सामान खरीदा गया था और इसे कहां भेजा गया था?
दस्तावेजों के अनुसार यह खरीद LSJE, LLC के जरिए की गई थी, जो एपस्टीन से जुड़ी एक कंपनी है. 6 दिसंबर 2018 की एक वायर ट्रांसफर रिक्वेस्ट में सनट्रस्ट बैंक के जरिए जेमिनी सीवाटर सिस्टम्स, LLC को $4,373.17 के पेमेंट को मंजूरी दी गई थी. बताया जाता है कि उसी तारीख को न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले ने एपस्टीन की सेक्स-ट्रैफिकिंग गतिविधियों की नई फेडरल जांच फिर से शुरू की थी.
कागजात में क्या आया सामने?
कागजात में बताया गया है कि पेमेंट में सल्फ्यूरिक एसिड के छह 55-गैलन ड्रम साथ ही ट्रांसपोर्ट के लिए फ्रेट, फ्यूल और इंश्योरेंस चार्ज शामिल थे. इसमें कुछ और चीजे भी लिस्टेड हैं. जैसे कंडक्टिविटी प्रोब के लिए मटीरियल और रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) प्लांट के लिए रिप्लेसमेंट pH केबल. यह खर्च RO से जुड़े एक जनरल लेजर अकाउंट में दर्ज किया गया था, जो किसी अस्पष्ट इस्तेमाल के बजाय वॉटर-ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर इशारा करता है.
सोशल मीडिया क्या फैली अटकलें?
सोशल मीडिया और टैब्लॉइड कवरेज में यह अटकलें फैल गईं कि सल्फ्यूरिक एसिड का इस्तेमाल सबूत या इंसानी अवशेषों को नष्ट करने के लिए किया गया होगा.
कहां - कहां किया जा सकता है इसका इस्तेमाल?
वॉटर ट्रीटमेंट और RO सिस्टम के रखरखाव के अलावा, रिकॉर्ड में कोई और स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है. अलग-थलग जगहों जैसे कि प्राइवेट आइलैंड पर सल्फ्यूरिक एसिड के pH एडजस्टमेंट, पानी को खारापन हटाने, गंदे पानी के ट्रीटमेंट और पूल के रखरखाव के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस सिस्टम में इस्तेमाल किया गया होगा. इस बात के अलावा कि यह हुआ था, फिलहाल इस खास खरीद को किसी भी आपराधिक गतिविधि से जोड़ने वाला कोई पक्का सबूत नहीं है.