चांद के सफर पर निकले जापानी चंद्रयान मिशन SLIM ने भेजी धरती की तस्वीर, Jaxa ने कहा मिशन ने पहली बाधा कर ली पार, जानें प्रज्ञान से इसका कब होगा मेल

Japan SLIM Moon Mission News: जापान के महत्वाकांक्षी मून मिशन SLIM ने 1 लाख किमी की दूरी से धरती की तस्वीर भेजी है.

Shubhank Agnihotri

Japan SLIM Moon Mission News: चांद फतह करने निकले जापान के SLIM लैंडर ने धरती की पहली तस्वीर को कैप्चर किया है. स्लिम के लैंडर से ली गई इस इमेज में आधी पृथ्वी ही दिखाई दे रही है. जापान के मून मिशन H-2A रॉकेट की मदद से को 6 सितंबर को  SLIM लैंडर को लेकर उड़ा था. जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ने इस दौरान बताया कि स्लिम लैंडर ने पृथ्वी की कक्षा में रहते हुए कई टेस्ट को पास कर लिया है. स्लिम में लगे कैमरे की ने एक तस्वीर खींची है. इसी कैमरे की मदद से जापान का यह लैंडर चांद की सतह पर सटीक तरीके से उतरेगा.


दूसरी बार बदली अपनी ऑर्बिट 


जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ( Jaxa) ने स्लिम लैंडर की इस तस्वीर को स्लिम के अकाउंट से ही पोस्ट किया है. एजेंसी ने इस दौरान बताया कि इस तस्वीर को लैंडर ने 1 लाख किमी की दूरी से लिया था. रिपोर्ट के मुताबिक,लैंडर के कैमरे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह चांद के गड्ढों की पहचान कर सकें. एजेंसी ने यह भी कहा कि यह लैंडर चांद की ओर बेहद तेजी से बढ़ रहा है. SLIM को चांद का स्नाइपर भी कहा जाता है. इसने 26 सितंबर को अपनी कक्षा को दूसरी बार बदला है.


अभी तक नहीं किया तारीख का एलान

जापान के इस लैंडर ने अपने मुख्य इंजन को चालू करने के बाद कक्षा को बदल दिया. इस प्रक्रिया में धरती से उसकी दूरी बढ़ गई. जापान की अंतरिक्ष एजेंसी ने इसके चांद की सतह पर लैंड करने की तारीख की अब तक घोषणा नहीं की है. रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि स्लिम के चांद तक पहुंचने में 3 से 4 माह का वक्त लग सकता है.

 

100 मीटर के दायरे में उतरने का प्रयास करेगा

स्लिम जब चांद के पास पहुंच जाएगा तब वह अपने लक्षित 100 मीटर के अंदर के दायरे में उतरने का प्रयास करेगा.जापान इसके जरिए अपनी लैंडिंग तकनीक को परखना चाहता है. इससे भविष्य में चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों को अंजाम देना आसान होगा. आपको बता दें कि भारत पहले ही चांद पर अपने मिशन को सफलतापूर्वक उतार चुका है. भात का रोवर प्रज्ञान और विक्रम लैंडर स्लीप मोड में जा चुके हैं. इसरो के वैज्ञानिक अब इसे जगाने की कोशिश कर रहे है. हालांकि इसकी अब उम्मीद कम ही बची है.

 

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