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India Daily

'मिशन अभी पूरा नहीं हुआ ', सीजफायर खत्म होने से पहले ही नेतन्याहू ने दे दिया हिंट, अब क्या फिर से शुरू हो जाएगी बॉम्बर्डिंग?

ईरान-अमेरिका के बीच चल रहा सीजफायर जल्द ही खत्म होने वाला है. इससे पहले ही इजरायल के प्रधानमंत्री ने बड़ा बयान दिया है. जिसके बाद एक बार फिर से जंग की आहट तेज हो गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
'मिशन अभी पूरा नहीं हुआ ', सीजफायर खत्म होने से पहले ही नेतन्याहू ने दे दिया हिंट, अब क्या फिर से शुरू हो जाएगी बॉम्बर्डिंग?
Courtesy: X (@MrImranPk)

अमेरिका और इजरायल के बीच सीजफायर को खत्म होने में महज कुछ घंटों का समय है. इसी बीच यरूशलेम में स्मृति दिवस समारोह के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ इजरायल का मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है.

नेतन्याहू ने कहा कि संयुक्त अभियान में कुछ उपलब्धियां हासिल हुई हैं, लेकिन लक्ष्य अभी भी पूरा नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को बातचीत से या फिर लड़ाई से हासिल किया जाएगा. उनके इस बयान के बाद एक बार फिर से जंग तेज होने का खतरा बढ़ गया है. हालांकि अमेरिका के रुख इस समय अलग है.  

इस्लामाबाद में पीस टॉक की तैयारी?

अमेरिका इस समय तनाव को कम करने की कोशिश में है. इसके लिए लगातार शांति वार्ता की जा रही है. पहली राउंड बातचीत फेल होने के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान के साथ दूसरी दौर की शांति वार्ता शुरू करने की तैयारी में है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस वार्ता का नेतृत्व करने वाले हैं. इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं.

अमेरिका की ओर से पहली वार्ता भी वेंस ने ही की थी. वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ शामिल थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई थी. एक बार फिर से इस बार चर्चा की उम्मीद है. हालांकि ईरान ने दूसरे दौर के बातचीत को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी है. 

क्या है अमेरिका-ईरान की राय?

ईरान ने नई वार्ता में शामिल होने के बारे में अभी कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया है. तेहरान का आरोप है कि अमेरिका बातचीत के दौरान अनुचित शर्तें थोप रहा है और विश्वास का माहौल बनाने में असफल रहा है. हाल ही में अमेरिकी नौसेना द्वारा एक ईरानी कार्गो जहाज 'तौस्का' को जब्त किए जाने की घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है. ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और बदले की चेतावनी दी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी स्थिति अस्थिर बनी हुई है. इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से तेल निर्यात पर असर पड़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. ईरान ने युद्धविराम के दौरान इस जलमार्ग को व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रखने का वादा किया था, लेकिन कुछ घटनाओं के बाद प्रतिबंध लगाए गए. 22 अप्रैल को सीजफायर समाप्त हो जाएगा. अगर दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं होती है तो जंग की रफ्तार बढ़ सकती है.