इजरायल की ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को खुली धमकी, रक्षा मंत्री काट्ज बोले-हम आप तक पहुंचेंगे

पिछले महीने, जून 2025 में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक चले भीषण युद्ध ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था. इस दौरान इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु सुविधाओं और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया था.

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Gyanendra Sharma

इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सीधे तौर पर निशाना बनाने की धमकी दी है. रविवार, 27 जुलाई 2025 को इजरायल के रेमन एयर बेस पर पहुंचे काट्ज ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में कहा, अयातुल्ला खामेनेई को मैं स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं: अगर आप इजरायल को धमकी देना जारी रखेंगे, तो हमारी लंबी भुजा तेहरान तक पहुंचेगी, और इस बार आप व्यक्तिगत रूप से भी हमारे निशाने पर होंगे.

पिछले महीने, जून 2025 में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक चले भीषण युद्ध ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था. इस दौरान इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु सुविधाओं और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया था. इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने उस समय भी खामेनेई को "आधुनिक हिटलर" करार देते हुए कहा था कि उनकी हत्या युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है.

युद्ध के दौरान इजरायल ने दावा किया था कि उसके एजेंट खामेनेई के काफी करीब पहुंच गए थे, लेकिन वे उन्हें निशाना बनाने में सफल नहीं हो सके. सूत्रों के अनुसार, खतरे को भांपते हुए खामेनेई ने युद्ध के दौरान एक गुप्त बंकर में शरण ली थी, जहां से वह अपने सैन्य कमांडरों से संपर्क में रहे. काट्ज ने इजरायली टीवी चैनल 13 को दिए साक्षात्कार में कहा, "हमने खामेनेई को खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह बहुत गहरे बंकर में छिप गए और अपने कमांडरों से संपर्क तोड़ लिया.

इजरायल की रणनीति और धमकी

रेमन एयर बेस पर काट्ज ने यह भी कहा कि इजरायल ने युद्ध के दौरान ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को भारी नुकसान पहुंचाया. उन्होंने दावा किया कि ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को कई वर्षों के लिए नष्ट कर दिया गया है, हालांकि वे यह भी स्वीकार करते हैं कि इजरायल को ईरान के सभी संवर्धित यूरेनियम के ठिकानों की जानकारी नहीं है.

काट्ज ने खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा, "मैं उन्हें सलाह देता हूं कि वे हिजबुल्ला के पूर्व नेता हसन नसरल्लाह से सबक लें, जो लंबे समय तक बंकर में छिपे रहे, लेकिन हमने उन्हें ढूंढ निकाला." यह बयान इजरायल की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह ईरान के नेतृत्व को अस्थिर करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.

युद्ध के बाद का तनाव

जून में 12 दिनों तक चले युद्ध को अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्धविराम के साथ समाप्त किया गया था. इस दौरान इजरायल ने ईरान के नतांज, इस्फहान और फोर्डो परमाणु सुविधाओं पर हमले किए, जिसमें कई शीर्ष सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए. दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल के शहरों, जैसे तेल अवीव, रामत गण और बीरशेबा के सोरोका अस्पताल पर मिसाइल हमले किए, जिनमें सैकड़ों लोग घायल हुए.