लेबनान में फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर इजराइली ड्रोन हमला, 13 लोगों की मौत; कई अन्य घायल
दक्षिण लेबनान के ऐन अल हिलवे शरणार्थी शिविर पर इजरायल के ड्रोन हमले में 13 लोगों की मौत और कई घायल हुए. हमला मस्जिद की पार्किंग में खड़ी कार पर किया गया.
नई दिल्ली: दक्षिण लेबनान में एक फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर इजरायल के ड्रोन हमले में मंगलवार को 13 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. यह हमला सिदोन शहर के बाहरी इलाके स्थित ऐन अल हिलवे शरणार्थी शिविर में हुआ. लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार ड्रोन ने मस्जिद के पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक कार को निशाना बनाया.
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच हुआ यह हमला पिछले एक साल में लेबनान पर हुए किसी भी हमले की तुलना में सबसे घातक माना जा रहा है. यह वह समय है जब इजरायल और हिजबुल्ला के बीच हुए युद्ध के बाद लागू हुई सीजफायर के एक वर्ष पूरे हो चुके हैं. घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी फैल गई और एम्बुलेंसों ने घायल लोगों को अस्पतालों में पहुंचाने की कोशिश की लेकिन क्षेत्र में मौजूद हमास लड़ाकों ने पत्रकारों को मौके पर पहुंचने से रोक दिया.
इजरायल की सेना ने क्या कहा?
इजरायल की सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसने वहां एक हमास ट्रेनिंग परिसर को निशाना बनाया. सेना का दावा है कि यह परिसर इजरायल के खिलाफ हमले की तैयारी में इस्तेमाल किया जा रहा था. इजरायल ने यह भी कहा कि वह हमास जहां भी होगा वहां कार्रवाई जारी रखेगा.
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किन लोगों की हुई मौत?
पिछले दो साल में लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में हिजबुल्ला और हमास के कई बड़े नेताओं की मौत हो चुकी है. इनमें हमास के उप राजनीतिक प्रमुख और सैन्य विंग के संस्थापक सदस्यों में से एक सालेह अरूरी भी शामिल हैं. अरूरी की मौत दो जनवरी 2024 को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हुए ड्रोन हमले में हुई थी. इसके बाद भी कई हमास नेताओं पर निशाना साधा जा चुका है.
क्या है पूरा मामला?
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में करीब 1200 इजरायली नागरिकों की मौत के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था. इस अभियान में हजारों फिलिस्तीनी नागरिकों की जान गई है. हमले के एक दिन बाद हिजबुल्ला ने इजरायल के सीमावर्ती ठिकानों पर रॉकेट दागने शुरू कर दिए थे. इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में कई हवाई हमले किए और यह टकराव धीरे धीरे बढ़ते हुए सितंबर 2024 के अंत में पूर्ण युद्ध में बदल गया.