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इस्लामाबाद में 'खूनी जुमा': गार्ड्स ने रोका तो गेट पर ही फटा सुसाइड बॉम्बर; 31 की मौत और 170 घायल

इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया इमामबाड़े पर आत्मघाती हमला हुआ. इस धमाके में 31 लोग मारे गए और 170 घायल हुए. गेट पर रोके जाने के बाद हमलावर ने खुद को उड़ा लिया.

X/@Rj_Tayyaba
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी. शहर के बाहरी इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा इमामबाड़ा में जब श्रद्धालु जुमे की नमाज अदा कर रहे थे. तभी वहां एक जोरदार धमाका हुआ. इस हमले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. बल्कि पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार. यह हमला अल्पसंख्यक शिया समुदाय को निशाना बनाकर किया गया है. जिसमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ.

पुलिस अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह एक आत्मघाती हमला था. हमलावर का इरादा मस्जिद के अंदर घुसकर नमाजियों के बीच खुद को उड़ाने का था. लेकिन गेट पर तैनात दो मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे संदिग्ध पाया और रोक लिया. पकड़े जाने के डर से हमलावर घबरा गया और उसने मुख्य प्रवेश द्वार पर ही विस्फोट कर दिया. यदि वह मस्जिद के भीतर पहुंचने में सफल हो जाता. तो हताहतों की संख्या और भी भयावह हो सकती थी.

मलबे और खून से सनी इबादतगाह 

धमाका इतना भीषण था कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. घटनास्थल की तस्वीरें रोंगटे खड़े करने वाली हैं. जहां मस्जिद का फर्श खून से सना हुआ है और हर तरफ टूटे शीशे व मलबा बिखरा पड़ा है. धमाके के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. मस्जिद के बाहर बगीचे में कई घायल लोग तड़पते नजर आए. जिन्हें स्थानीय निवासियों और सुरक्षाबलों की मदद से आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल 170 से ज्यादा घायलों का उपचार जारी है.

पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई 

इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटोरी पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है. उन्होंने एक भावुक जानकारी साझा की कि इस हमले में इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक के एक करीबी परिजन की भी मृत्यु हुई है. पुलिस अभी धमाके की सटीक प्रकृति पर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है. लेकिन पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. जांच एजेंसियां साक्ष्य जुटा रही हैं ताकि इस जघन्य अपराध के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके.

नेताओं ने की आतंकी हमले की निंदा 

संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुए कहा कि ऐसी कायराना हरकतें पाकिस्तान के हौसले को कम नहीं कर सकतीं. वहीं. पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि नमाजियों को निशाना बनाना मानवता और राष्ट्रीय चेतना पर सीधा प्रहार है. बिलावल के अनुसार. यह हमला पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ना अब वक्त की सबसे बड़ी मांग बन गई है.