ईरान की बड़ी मांग मान गए ट्रंप! ऊर्जा ठिकानों पर हमले 10 दिनों के लिए रोके, बातचीत में अचानक आया बड़ा मोड़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अनुरोध पर उसकी एनर्जी यूनिट्स पर हमलों को 10 दिनों के लिए रोक दिया है. बातचीत में प्रगति के संकेत मिले हैं, जिससे संघर्ष कम होने की उम्मीदें बढ़ी हैं.

grok
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और लगातार हो रहे हमलों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच अचानक नरमी के संकेत दिखाई दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान की ऊर्जा अवसंरचना पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए रोक दिया गया है. यह कदम ईरान के औपचारिक अनुरोध के बाद उठाया गया है. ट्रंप का दावा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत 'बहुत अच्छे' मोड़ पर है, जिससे क्षेत्र में संभावित शांति की नई उम्मीदें बन रही हैं.

ट्रंप ने 10 दिन के लिए रोके हमले

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वे ईरान के अनुरोध पर उसकी एनर्जी यूनिट्स को निशाना बनाने वाले हमलों को 6 अप्रैल तक रोक रहे हैं. यह घोषणा उस समय आई है जब दोनों देशों के बीच कई हफ्तों से गंभीर तनाव और सैन्य कार्रवाई जारी है. ट्रंप का कहना है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और कई मीडिया रिपोर्टें वास्तविक स्थिति से अलग हैं.

डिप्लोमेटिक रास्ते के लिए खुली खिड़की

हमलों में यह रोक दोनों देशों को बैकडोर कूटनीति का मौका दे सकती है. पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे पर हमले किए, जिनका उद्देश्य ईरान की सैन्य और आर्थिक क्षमता को कमजोर करना था. इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया था.

क्या यह विराम बड़ा समझौता लाएगा?

विशेषज्ञों का कहना है कि 10 दिन का यह ठहराव या तो बड़ा समझौता ला सकता है या सिर्फ एक अस्थायी सांस लेने जैसा हो सकता है. ट्रंप ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि आगे बढ़ने के लिए ईरान को कौन-सी शर्तें पूरी करनी होंगी. फिर भी, ईरान के अनुरोध को स्वीकार करना दोनों पक्षों के बीच किसी स्तर पर बातचीत होने का संकेत देता है.

अल्टीमेटम से नरमी तक क्या है बैकग्राउंड

22 मार्च को ट्रंप ने धमकी दी थी कि यदि ईरान 48 घंटे के भीतर होरमुज जलडमरूमध्य को खोल नहीं देता, तो अमेरिका उसकी पावर सप्लाई को 'तबाह' कर देगा. उन्होंने प्रमुख ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी. लेकिन एक दिन बाद ही ट्रंप ने हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया और कहा कि दोनों पक्ष रचनात्मक बातचीत में हैं. ईरान ने इसे अमेरिकी दबाव में नरमी बताया था.

तनाव के बीच उम्मीद

हालांकि वार्ता आगे बढ़ रही है, लेकिन क्षेत्र में अभी भी तनाव उच्च स्तर पर बना हुआ है. ईरान के हमले और अमेरिका-इजराइल की प्रतिक्रमण कार्रवाई शांति को कमजोर करती रहती है. फिर भी, ट्रंप का यह कदम भविष्य में एक दीर्घकालिक समाधान की उम्मीद जगाता है.