ईरान ने रोकी सीजफायर की बातचीत, अब क्या होगा मिडिल-ईस्ट का भविष्य?
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच संघर्ष-विराम को बढ़ाने की कोशिशों में मंगलवार को एक बड़ी रुकावट आ गई. ईरानी समाचार एजेंसियों ने बताया कि तेहरान ने उन मध्यस्थों से बात करना बंद कर दिया है जो शांति समझौते को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे थे.
नई दिल्ली: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच संघर्ष-विराम को लेकर काफी रुकावटें आ रही हैं. ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, तेहरान ने उन मध्यस्थों से बात करना बंद कर दिया है, जो शांति समझौते की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा है कि बातचीत अभी भी जारी है.
एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान मंगलवार को पूरे दिन पूरी तरह से चुप रहा. एक अधिकारी ने बताया कि ईरान पहले भी कह चुका है कि बातचीत तभी जारी रह सकती है, जब लेबनाना में भी सीजफायर लागू हो.
अमेरिका ने रोका एक और जहाज:
इन कूटनीतिक मुश्किलों के बीच अमेरिकी सेना ने घोषणा करते हुए कहा है कि उसने एक और जहाज को रोक दिया है. यह जहाज अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था. बता दें कि अब तक यह सातवां जहाज है, जिसे रोका गया है. इस टैंकर पर M/T Lexie लिखा था और जिस पर बोत्सवाना का झंडा लगा था. जहाज को रोकने के लिए एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम में एक मिसाइल दागी.
बातचीत कभी नहीं रुकी- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए इस बात को खारिज कर दिया कि बातचीत टूट गई है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष हर दिन बात कर रहे हैं. साथ ही ईरान को चेतावनी भी दी है कि अब समझौते का समय आ गया है. उन्होंने लिखा, "आप 47 सालों से ऐसा कर रहे हैं, और अब यह और ज्यादा नहीं चल सकता."
अब आगे क्या होगा?
बता दें कि दोनों पक्षों में अभी भी लेबनान, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल को लेकर असहमति बनी हुई है. सिर्फ यही नहीं, ईरान की अपनी सरकार भी बंटी हुई लगती है जहां राजनयिक बातचीत के लिए तैयार हैं और सेना का रुख कहीं ज्यादा सख्त है.