UAE, कतर, बहरीन, जॉर्डन... ईरान के पलटवार से दहल उठे अमेरिकी ठिकाने; कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला किया. कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन समेत कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है.
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है. ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन समेत कई देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई किए जाने के बाद ईरान ने जवाबी हमला करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए.
वहां की सरकार ने लोगों से क्या की अपील?
कतर की राजधानी दोहा में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने के बाद वहां के आंतरिक मंत्रालय ने मोबाइल फोन के माध्यम से आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया. सरकार ने लोगों से अपील की कि वे बिना जरूरी कारण घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. प्रशासन ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सभी नागरिकों और प्रवासियों को सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए.
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अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया. मंत्रालय के अनुसार, सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है.
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
रिपोर्टों के अनुसार यूएई और कतर के अलावा कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में भी धमाकों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी सामने आई है. इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने अपने सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है. हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है. खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक इलाकों में शामिल है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का सैन्य संघर्ष वैश्विक स्तर पर आर्थिक प्रभाव डाल सकता है.
फिलहाल संबंधित देशों की सरकारें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अफवाहों से बचने के साथ केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रही हैं. आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी.