झुकने को राजी नहीं ईरान, अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को किया सिरे से खारिज
ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एकतरफा है और इसमें उसके सुरक्षा हितों की अनदेखी की गई है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच हालात और जटिल हो गए हैं. ईरान ने हाल ही में अमेरिका द्वारा पेश किए गए युद्धविराम प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. तेहरान का कहना है कि यह प्रस्ताव पूरी तरह एकतरफा है और इसमें उसके सुरक्षा हितों की अनदेखी की गई है. हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावनाएं अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं.
प्रस्ताव को बताया पक्षपाती
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका का प्रस्ताव उसकी रक्षा क्षमता को सीमित करने की बात करता है, जबकि बदले में प्रतिबंध हटाने की कोई स्पष्ट योजना नहीं देता. ईरान ने इसे अनुचित और असंतुलित बताते हुए कहा कि यह केवल अमेरिका और इजरायल के हितों को साधने की कोशिश है. तेहरान का मानना है कि इस तरह के प्रस्ताव से स्थायी समाधान संभव नहीं है.
कूटनीति के दरवाजे खुले
कड़े रुख के बावजूद ईरान ने संकेत दिया है कि बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. तुर्की और पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अगर वाशिंगटन यथार्थवादी रुख अपनाता है, तो समाधान का रास्ता निकल सकता है. फिलहाल औपचारिक वार्ता की कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है.
ट्रंप का अलग दावा
वहीं डोनाल्ड ने दावा किया है कि ईरान खुद समझौते के लिए उत्सुक है. उन्होंने कहा कि तेहरान दबाव में है और बातचीत करना चाहता है. हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका इस समय किसी समझौते को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है और अंतिम फैसला अभी दूर है.
होर्मुज पर टिकी नजर
इस पूरे विवाद में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) एक अहम मुद्दा बना हुआ है. ट्रंप ने संकेत दिया कि किसी भी समझौते में इस समुद्री मार्ग को खोलना जरूरी होगा. फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाजी जारी है और स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है.