ईरान को परमाणु हथियार की मनाही, फिर नॉर्थ कोरिया पर नरमी क्यों? ट्रंप ने खुद बताई वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि दोनों के बीच व्यक्तिगत संबंध उनके देश के प्रति अमेरिकी नीति को प्रभावित करते हैं.

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Shanu Sharma

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की अलग-अलग नीतियों पर सवाल पूछे जाने पर किम जोंग उन के साथ अपने रिश्ते का जिक्र किया. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने किम को अपना दोस्त बताया और कहा कि उत्तर कोरियाई नेता उन्हें पसंद करते हैं.

ट्रंप ने यह भी कहा कि किम के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ता है. उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संवाद ने उत्तर कोरिया के साथ रिश्तों में एक अलग तरह की स्थिति पैदा की है.

उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत पर क्या बोले ट्रंप?

ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की अमेरिकी नीति और उत्तर कोरिया की मौजूदा परमाणु क्षमता के बीच अंतर को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि प्योंगयांग के पास काफी बड़ी परमाणु क्षमता है. हालांकि उन्होंने इसकी तुलना अमेरिकी परमाणु क्षमता से नहीं की. ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में पिछली अमेरिकी सरकारों की नाकामी को भी जिम्मेदार बताया. उनका तर्क था कि पहले के राष्ट्रपतियों ने वह कदम नहीं उठाए, जिन्हें उनके मुताबिक उठाया जाना चाहिए था.


ट्रंप-किम के बीच पहले भी हुई हैं अहम मुलाकातें

किम जोंग उन के साथ ट्रंप की व्यक्तिगत कूटनीति नई नहीं है. अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता के साथ सीधे संवाद का रास्ता अपनाया था. दोनों नेताओं की 2018 में सिंगापुर और 2019 में हनोई में शिखर बैठक हुई थी. ट्रंप लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि किम के साथ सीधी बातचीत ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव को संभालने में भूमिका निभाई. मौजूदा कार्यकाल में भी उन्होंने किम के साथ संपर्क और संभावित मुलाकात की बात कही है.ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन का रुख कहीं अधिक सख्त है. अमेरिका का कहना है कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इसी नीति के तहत वाशिंगटन ने ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बनाए रखा है.

परमाणु नीति पर उठ रहे हैं सवाल

ट्रंप के ताजा बयान ने अमेरिका की उत्तर कोरिया और ईरान नीति के बीच अंतर को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है. एक तरफ वाशिंगटन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को अपनी सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बता रहा है, वहीं ट्रंप उत्तर कोरिया के मामले में किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और पहले की अमेरिकी नीतियों का हवाला दे रहे हैं. इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं. हालिया बातचीत में परमाणु मुद्दे के साथ-साथ क्षेत्रीय तनाव और रणनीतिक जलमार्गों से जुड़े सवाल भी चर्चा में हैं.