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'आपने मुझे आगे बढ़ने की मंजूरी दी, अब आप ही हमले कर रहे', होर्मुज से भारतीय जहाज का ऑडियो नोट वायरल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शनिवार को जहाजों पर हमला किया गया. इस हमले के दौरान का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय नाविक को कहते सुना जा सकता है कि आपने ही आगे बढ़ने की इजाजत दी थी.

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Shanu Sharma

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें कथित तौर पर ईरानी नौसेना और भारतीय झंडे वाले टैंकर के बीच तनावपूर्ण बातचीत दर्ज हुई है. टैंकर ट्रैकर्स जैसी समुद्री निगरानी फर्म ने भी इस क्लिप को साझा किया है, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है है.

ऑडियो क्लिप में भारतीय टैंकर 'सनमार हेराल्ड' के अधिकारी की आवाज सुनी जा सकती है. अधिकारी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि सेपाह नेवी, यह मोटर टैंकर सनमार हेराल्ड है. आपने मुझे आगे बढ़ने की मंजूरी दी थी. आपकी सूची में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है. फिर भी आप गोलीबारी कर रहे हैं. कृपया मुझे वापस लौटने दें. 

होर्मुज में शनिवार को बदला माहौल 

वायरल हो रहे क्लिप में नाविक की व्याकुलता साफ झलक रही है. घटना के दौरान दो भारतीय झंडे वाले जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा, जबकि एक भारतीय तेल टैंकर इस मार्ग को पार करने में सफल रहा. ईरान ने शनिवार को पहले होर्मुज को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला घोषित किया था. लेकिन कुछ ही घंटों बाद तेहरान ने अपना फैसला बदल दिया और मार्ग को फिर से बंद करने की घोषणा कर दी. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका अभी भी उनके बंदरगाहों पर नाकेबंदी बनाए हुए है, इसलिए इस कदम को जरूरी बताया गया. हालांकि, किसी बड़ी क्षति या जान-माल की हानि की पुष्टि नहीं हुई है.

भारत सरकार ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली को तलब किया. विदेश सचिव ने बैठक में होर्मुज में हुई गोलीबारी पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राजदूत को आज शाम विदेश सचिव के साथ बैठक के लिए तलब किया गया था. बैठक के दौरान विदेश सचिव ने आज पहले हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता जताई, जिसमें भारतीय ध्वज वाले दो जहाज शामिल थे. उन्होंने इस मामले को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व का भी उल्लेख किया. बैठक के बाद राजदूत फताली को विदेश मंत्रालय से बाहर निकलते देखा गया. ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को तेहरान तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. भारत ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और निर्बाध समुद्री यातायात पर जोर दिया है.