क्या कम हो रही कड़वाहट? न्यूयॉर्क में भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता बना दिलचस्प, QUAD शिखर सम्मेलन साल के अंत तक होने के आसार
India US Trade Talks: यूएसटीआर की एक टीम ने 16 सितंबर को नई दिल्ली का दौरा किया, जिससे इस हफ्ते की बैठकों का रास्ता साफ हो गया. अधिकारियों का कहना है कि अगर बातचीत सकारात्मक रही, तो साल के अंत से पहले क्वाड शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है
India US Trade Talks: टैरिफ संबंधी झटकों के बाद न्यूयॉर्क में भारत और अमेरिका की व्यापार वार्ता में नई गति दिखाई दे रही है. सूत्रों का कहना है कि बातचीत रचनात्मक रही है और साल के अंत से पहले क्वाड शिखर सम्मेलन की संभावना है. अमेरिकी प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि न्यूयॉर्क में भारत के व्यापार प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी अधिकारियों के बीच प्रारंभिक बैठक 'अच्छी चल रही है', जो महीनों से रुकी हुई वार्ता के बाद प्रगति के पहले संकेत दे रही है.
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने प्रमुख वार्ताकार राजेश अग्रवाल के साथ मिलकर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की ताकि लंबे समय से लंबित एक समझौते पर बातचीत फिर से शुरू की जा सके. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 'शुरुआती संकेत तो उत्साहजनक हैं.' उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष 'अड़चनों को पीछे छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
अच्छे संकेत
न्यूयॉर्क में यह बैठक हाल ही में नई दिल्ली में अमेरिकी अधिकारी ब्रेंडन लिंच और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार राजेश अग्रवाल के बीच हुई बातचीत के बाद हुई है, जहा दोनों पक्षों ने इस प्रक्रिया को तेज करने की प्रतिबद्धता जताई थी. बातचीत में मुख्य मुद्दों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया और अधिकारियों ने निकट भविष्य में एक अंतरिम समझौते पर पहुँचने की आशा व्यक्त की.
'बातचीत सकारात्मक रही'
वाशिंगटन द्वारा रूस से भारतीय कच्चे तेल के आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने के बाद वार्ता में रुकावट आ गई थी, जिससे अमेरिका को भारतीय निर्यात पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुँच गया. छठे दौर की वार्ता, जो पहले 25 अगस्त को होनी थी, तनाव के कारण स्थगित कर दी गई.
यूएसटीआर की एक टीम ने 16 सितंबर को नई दिल्ली का दौरा किया, जिससे इस हफ्ते की बैठकों का रास्ता साफ हो गया. अधिकारियों का कहना है कि अगर बातचीत सकारात्मक रही, तो साल के अंत से पहले क्वाड शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 'विदेश विभाग ने ट्रंप की संभावित भारत यात्रा की तैयारी शुरू कर दी है.'
रूस पर कड़े प्रतिबंध
व्यापार सबसे पेचीदा मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि भारी टैरिफ और एच-1बी वीजा शुल्क में हालिया बढ़ोतरी ने बातचीत को प्रभावित किया है. लेकिन ऐसा लगता है कि वाशिंगटन एक आम सहमति बनाने पर आमादा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एनबीसी को बताया, 'हम भारत के संबंध में उठाए गए कदमों को पहले ही देख चुके हैं, हालांकि हमें उम्मीद है कि हम इसे ठीक कर सकते हैं.' उन्होंने यूरोप पर रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने का दबाव डालते हुए एक ज्यादा समझौतावादी रुख अपनाने का संकेत दिया.
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी रुबियो से मुलाकात की, तथा व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने वाले व्यापक रणनीतिक संरेखण को रेखांकित किया.