menu-icon
India Daily

'भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए तरस रहा है असीम मुनीर', इमरान खान की बहन का सनसनीखेज दावा

इमरान खान की बहन अलीमा खान ने दावा किया कि पाकिस्तान का CDF असीम मुनिर भारत के साथ युद्ध लड़ना चाहता है, जबकि इमरान खान हमेशा दोस्ती की कोशिश करते हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए तरस रहा है असीम मुनीर', इमरान खान की बहन का सनसनीखेज दावा
Courtesy: @fcukyuow

पाकिस्तान की राजनीतिक हलचल के बीच इमरान खान की बहन अलीमा खान ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने देश के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) असीम मुनिर को 'कट्टरपंथी इस्लामिस्ट' बताते हुए आरोप लगाया कि वह भारत के खिलाफ युद्ध की इच्छा रखता है.

वहीं, अलीमा ने अपने भाई इमरान खान को “लिबरल लीडर” करार देते हुए कहा कि वह हमेशा भारत के साथ संबंध सुधारने के प्रयास करते रहे. 

असीम मुनिर पर युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप

स्काई न्यूज से बातचीत में अलीमा खान ने दावा किया कि असीम मुनिर की धार्मिक कट्टरता उन्हें भारत के विरुद्ध युद्ध की ओर धकेलती है. उनके मुताबिक, मुनिर उन देशों से टकराव में विश्वास रखते हैं जो उनके धार्मिक नजरिये से मेल नहीं खाते. उन्होंने कहा कि इसी वजह से हाल की भारत-पाकिस्तान झड़पों में तनाव और बढ़ा.

इमरान खान को बताया “लिबरल” और शांतिप्रिय नेता

अलीमा ने कहा कि जब भी इमरान खान सत्ता में आते हैं, वह भारत सहित पड़ोसी देशों से रिश्ते सुधारने पर जोर देते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि इमरान खान ने बीजेपी तक से संवाद बढ़ाने की कोशिश की थी. अलीमा के अनुसार, कट्टरपंथी नेतृत्व आने पर ही तनाव और युद्ध की स्थिति बनती है.

मुनिर और इमरान खान के बीच पुरानी है दुश्मनी

रिपोर्टों के अनुसार, 2019 में असीम मुनिर ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामलों की जांच में रुचि दिखाई थी. कहा जाता है कि इसी विवाद के चलते खान ने उन्हें आठ महीने में ही ISI प्रमुख पद से हटा दिया. सेना ने तब इसे साधारण तबादला बताया था.

जेल में बंद हैं इमरान खान

अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद इमरान खान से परिवार की मुलाकात लंबे समय तक नहीं हुई. हाल ही में उनकी बहन डॉ. उजमा खानुम ने मुलाकात के बाद बताया कि खान मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं और उन्हें सेल में सीमित रखा जाता है. अलीमा का आरोप है कि सरकार उन्हें अलग-थलग कर जनता की आवाज दबाना चाहती है, क्योंकि वह पाकिस्तान की “90% जनता का प्रतिनिधित्व” करते हैं.