Heavy Rainfall in Nepal: नेपाल में कोसी क्षेत्र में भारी बारिश से तबाही, भू-स्खलन में 14 लोगों की मौत

नेपाल सरकार ने देश के पूर्वी और मध्य भागों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. सरकार ने लोगों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की है. सरकार ने देश के प्रमुख राजमार्गों पर आवागमन को रोक दिया है.

X
Kanhaiya Kumar Jha

Heavy Rainfall in Nepal: पूर्वी नेपाल के कोशी प्रक्षेत्र में शनिवार रात से हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार हो रही तेज बारिश से जहां जगह-जगह जलभराव हो गया है वही भू-स्खलन में लोगों के हताहत होने की भी खबर है. इलम जिले के सूर्योदय नगरपालिका के मानेभंज्यांग में भू-स्खलन में 5 लोगों की जबकि पटेगॉन, मानसेबुंग, देउमा, धुसुनी, रैटमेट और घोसांग क्षेत्र में 9 लोगों की मौत की सूचना है. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है.

नेपाल की सेना ने बचाव कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजा है और प्रभावित क्षेत्रों में सैनिकों को भी तैनात किया गया है, लेकिन ख़राब मौसम की वजह से बचाव कार्यों में परेशानी आ रही है. फ़िलहाल स्थानीय प्रशासन की मदद से सेना इस प्रयास में जुटी हुई है कि इस प्राकृतिक आपदा में जानमाल का कम से कम नुकसान हो. 

भारी बारिश को लेकर नेपाल सरकार ने जारी की चेतावनी 

नेपाल सरकार ने देश के पूर्वी और मध्य भागों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. सरकार ने लोगों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की है. सरकार ने देश के प्रमुख राजमार्गों पर आवागमन को रोक दिया है. बारिश का असर फ्लाइट सेवाओं पर भी देखने को मिला है. विमानन अधिकारियों ने शनिवार को सभी घरेलू उड़ानों पर रोक लगा दी, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. 

सड़कें और परिवहन बाधित होने की यह घटना ऐसे समय हुई जब बड़ी संख्या में लोग हिमालयी राष्ट्र के सबसे बड़े त्योहार दशैन का जश्न मनाकर काठमांडू लौट रहे थे. दो हफ़्ते तक चलने वाले इस त्योहार का गुरुवार को मुख्य दिन था, जब लोग अपने परिवारों के साथ समय बिताने के लिए अपने गाँव लौटते हैं. भरी बारिश और रास्तों के अवरुद्ध होने से लोगों को भरी परेशानी हुई. 

नेपाल में सोमवार तक के लिए राष्ट्रीय अवकाश घोषित 

भारी बारिश के कारण सरकार ने सोमवार तक राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े. लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से काठमांडू में, नदी के पास के कुछ इलाकों में बाढ़ आ गई, लेकिन किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है. आपको बता दें कि पिछले साल लगभग इसी समय बाढ़ और भूस्खलन में 224 लोग मारे गए थे और 158 घायल हुए थे.