हंतावायरस के लिए कोई वैक्सीन नहीं है! क्या कोरोना की तरह फैलेगी इसकी बीमारी? जानें

हंतावायरस खतरनाक जरूर है लेकिन कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता. इसकी कोई वैक्सीन नहीं है और इलाज फिलहाल लक्षणों के आधार पर किया जाता है. चलिए जानते हैं क्या है इसके लक्षण.

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Km Jaya

नई दिल्ली: हंतावायरस को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है, खासकर MV होंडियस जहाज पर संक्रमण के मामले सामने आने के बाद. हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने साफ किया है कि इस वायरस के COVID-19 जैसी महामारी बनने की संभावना कम है.

WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोस ने कहा है कि हंतावायरस से अभी लोगों की सेहत को खतरा बहुत कम है. यह वायरस मुख्य रूप से चूहों के पेशाब, लार और मल के संपर्क में आने से फैलता है. संक्रमण तब हो सकता है जब ये चीजें सूखकर हवा में मिल जाती हैं और फिर इंसान उन्हें सांस के जरिए अंदर ले लेते हैं.

हंतावायरस किस तरह की बीमारियां फैलाता है?

विशेषज्ञों के मुताबिक हंतावायरस दो तरह की गंभीर बीमारियां फैला सकता है. हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम यानी HPS जो फेफड़ों पर असर डालता है और HFRS, जो किडनी पर असर डालता है. इसका सबसे खतरनाक प्रकार एंडीज स्ट्रेन बहुत ही कम मामलों में एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है. हालांकि यह आम संपर्क से नहीं फैलता.

अभी इस वायरस के लिए कोई मंजूर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. 2023 से मॉडर्ना दक्षिण कोरिया की कोरिया यूनिवर्सिटी के वैक्सीन इनोवेशन सेंटर के साथ मिलकर एक mRNA वैक्सीन बनाने पर काम कर रही है. यह वैक्सीन अभी प्री-क्लिनिकल स्टेज में है और अभी तक इंसानों पर इसका ट्रायल शुरू नहीं हुआ है.

इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं?

इसके शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं. जिनमें बुखार, थकान और सिरदर्द शामिल हैं. 4 से 10 दिनों के बाद सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों में पानी भरने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. HPS से जुड़ी मृत्यु दर लगभग 40 प्रतिशत बताई गई है.

अब तक MV होंडियस जहाज पर संक्रमण के 11 मामले सामने आए हैं, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई है. संक्रमित यात्रियों को उनके अपने-अपने देशों में वापस भेज दिया गया है और उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है.

विशेषज्ञों का क्या है कहना?

विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि यह वायरस COVID-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता. बचाव के सबसे जरूरी उपायों में चूहों से दूरी बनाए रखना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना शामिल है.