'इस उड़ान में मेरे साथी', ईरानी वक्ता बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाते समय अपने साथ ले गए मीनाब पीड़ितों की तस्वीरें
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इस्लामाबाद जाने वाली फ्लाइट में मीनाब स्कूल हमले के 168 शहीद बच्चों की तस्वीरें खाली सीटों पर रखकर मार्मिक तस्वीर साझा की.
नई दिल्ली: इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता शुरू होने से ठीक पहले ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ की एक तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. वे इस्लामाबाद जा रहे विमान के अंदर खाली सीटों पर मीनाब स्कूल हमले के शहीद बच्चों की तस्वीरें और सामान रखकर यात्रा कर रहे थे. इस प्रतीकात्मक कदम ने युद्ध की यादों और नाजुक कूटनीति को एक साथ सामने ला दिया है. 28 फरवरी 2026 को मीनाब के प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले की याद दिलाता है जिसमें 168 बच्चे और कर्मचारी शहीद हुए थे.
'इस उड़ान में मेरे साथी'-गालिबाफ
वार्ता दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद स्थायी शांति बनाने के उद्देश्य से हो रही है. गालिबाफ ने X पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'इस उड़ान में मेरे साथी, मीनाब 168'.
बातचीत शुरू होते ही 'अच्छी मंशाएं लेकिन भरोसा नहीं'
तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में उतरने पर ग़ालिबफ़ ने सतर्कता भरा रुख अपनाते हुए कहा कि तेहरान 'अच्छी मंशा से, लेकिन बिना किसी भरोसे के' बातचीत में शामिल हो रहा है.
उन्होंने कहा कि पिछली वार्ताएं बार-बार विफल रही थीं.
उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यवश, अमेरिकियों के साथ बातचीत करने का हमारा अनुभव हमेशा विफलता और अनुबंध उल्लंघन से भरा रहा है.' उन्होंने आगे कहा कि पहले की वार्ताओं के दौरान भी ईरान को ऐसे हमलों का सामना करना पड़ा जिन्हें वह समझौते का उल्लंघन मानता है. गालिबफ ने स्पष्ट किया कि ईरान का रुख सशर्त बना हुआ है.
उन्होंने कहा, 'आगामी वार्ता में, यदि अमेरिकी पक्ष एक वास्तविक समझौता करने और ईरानी लोगों के अधिकारों को प्रदान करने के लिए तैयार है, तो वे समझौता करने के लिए हमारी तत्परता भी देखेंगे.'
उन्होंने कूटनीति में कपटपूर्ण व्यवहार के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि अगर बातचीत को बेईमानी भरी कार्रवाई के लिए आवरण के रूप में इस्तेमाल किया गया तो ईरान कड़ा जवाब देगा.
अमेरिका ने खुलेपन का संकेत दिया ले
इस्लामाबाद रवाना होने से पहले बोलते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि अगर बातचीत वास्तविक है तो वाशिंगटन एक समझौते के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा, 'अगर ईरानी सद्भावना से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से खुले हाथ बढ़ाने को तैयार हैं.'
हालांकि, उन्होंने एक चेतावनी भी जोड़ी. 'अगर वे हमें बेवकूफ बनाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि बातचीत करने वाली टीम इतनी ग्रहणशील नहीं है.'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करते हुए सुझाव दिया कि ईरान वार्ता से पहले अपनी स्थिति का जरूरत से ज्यादा आकलन कर रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव का जिक्र किया.