Israel Gaza War: गाजा के युद्ध ने लील ली 58,000 फिलिस्तीनी जिंदगियां, जानें किसके दावों से हिल गई दुनिया?
गाजा में चल रहा यह युद्ध न केवल फलस्तीनी लोगों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक त्रासदी बन चुका है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल युद्धविराम और मानवीय सहायता की मांग तेज हो रही है. यह स्थिति वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार और शांति के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है.
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि 21 महीने से चल रहे इजरायल-हमास युद्ध में फलस्तीनी मौतों की संख्या 58,000 को पार कर गई है. यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद शुरू हुआ था, और तब से गाजा में भारी तबाही मची है.
युद्ध का भयावह प्रभाव
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 58,313 फलस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं. मंत्रालय ने बताया कि मरने वालों में बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हैं, हालांकि यह आंकड़ा नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता.
इजरायल का दावा है कि वह केवल हमास के लड़ाकों को निशाना बनाता है, लेकिन भारी नागरिक हताहतों की संख्या एक अलग कहानी बयां करती है. युद्ध के दौरान गाजा में बुनियादी ढांचे, अस्पतालों और स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
मानवीय संकट और सहायता की कमी
गाजा में युद्ध ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है. इजरायल द्वारा लगाए गए नाकेबंदी के कारण भोजन, पानी, दवाइयों और ईंधन की भारी कमी हो गई है. हजारों लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं, और कई क्षेत्रों में मेडिकल सुविधाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं. संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि गाजा में भुखमरी और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है.
बढ़ती मौतें और युद्धविराम की बातचीत
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हाल के हफ्तों में इजरायली हमलों में तीव्रता आई है, जिसके कारण मौतों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा, "यह एक भयावह मील का पत्थर है." वर्तमान में इजरायल और हमास के बीच अमेरिका समर्थित युद्धविराम की बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है.