'ग्रीनलैंड पर दबाव पड़ेगा भारी?', टैरिफ को लेकर फ्रांस की मंत्री ने ट्रंप को दी चेतावनी

फ्रांस की कृषि मंत्री एनी जेनवार्ड ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर लगाए गए टैरिफ को लेकर ट्रंप को चेतावनी दी है. उनका कहना है कि बढ़ता व्यापार संघर्ष अमेरिका के लिए भी नुकसानदेह साबित होगा.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव अब खुलकर व्यापार युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले पर फ्रांस ने कड़ा ऐतराज जताया है. फ्रांसीसी कृषि मंत्री एनी जेनवार्ड ने साफ कहा है कि इस तरह की टैरिफ नीति से सिर्फ यूरोप ही नहीं, बल्कि अमेरिका के किसान और उद्योग भी गंभीर नुकसान झेलेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यूरोप दबाव में झुकने वाला नहीं है.

टैरिफ बढ़ाने पर फ्रांस की सख्त प्रतिक्रिया

फ्रांस की कृषि मंत्री एनी जेनवार्ड ने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ अमेरिका के लिए भी भारी पड़ सकते हैं. उन्होंने चेताया कि टैरिफ की यह बढ़ती श्रृंखला दोनों पक्षों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. जेनवार्ड के मुताबिक, अगर अमेरिका यह मानता है कि वह यूरोप पर दबाव बनाकर अपनी शर्तें मनवा लेगा, तो यह उसकी बड़ी भूल होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर विवाद की जड़

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से जरूरी बताते रहे हैं. हाल ही में उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड चाहिए. इसी मांग को समर्थन न मिलने पर ट्रंप ने डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिसे 2026 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की बात कही गई है.

यूरोपीय देशों की एकजुटता

टैरिफ की घोषणा के बाद यूरोपीय संघ के राजदूतों ने ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. फ्रांस का कहना है कि यूरोप के पास व्यापारिक जवाबी कार्रवाई की पूरी ताकत है, लेकिन इस मुद्दे को बेहद सावधानी से संभालना होगा. एनी जेनवार्ड ने कहा कि किसी भी तरह की आक्रामक प्रतिक्रिया दोनों पक्षों के लिए 'घातक' साबित हो सकती है.

ग्रीनलैंड पर सैन्य गतिविधियों का असर

अमेरिका ने आरोप लगाया है कि डेनमार्क, फ्रांस और अन्य देशों ने नाटो अभ्यास 'आर्कटिक एंड्योरेंस' के तहत ग्रीनलैंड में सैन्य गतिविधियां बढ़ाईं. ट्रंप ने इन्हीं गतिविधियों को अपने टैरिफ फैसले का आधार बताया. हालांकि यूरोपीय देशों का कहना है कि यह नाटो का नियमित अभ्यास था और इसका किसी भी तरह से ग्रीनलैंड की खरीद से संबंध नहीं है.

बातचीत का दरवाजा खुला रखने का दावा

टैरिफ के साथ-साथ ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका डेनमार्क और अन्य देशों के साथ बातचीत के लिए तैयार है. उन्होंने दावा किया कि दशकों से अमेरिका यूरोप की सुरक्षा करता आया है. वहीं फ्रांस ने दो टूक कहा है कि ग्रीनलैंड को खरीदने या कब्जे में लेने की कोई भी कोशिश अस्वीकार्य होगी और यूरोप अपने हितों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा.