9/11 के 25 साल बाद भी अधूरी है इस तस्वीर की कहानी, कौन था वो 'Falling Man'?
11 सितंबर 2001 का 9/11 हमला अमेरिकी इतिहास की सबसे भयावह त्रासदियों में से एक था. इस दिन की एक तस्वीर The Falling Man आज भी दुनिया को विचलित करती है. तस्वीर में एक अनजान व्यक्ति वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से नीचे गिरता दिखाई देता है, लेकिन उसकी पहचान कभी निश्चित नहीं हो सकी.
11 सितंबर 2001 की सुबह न्यूयॉर्क में बाकी दिनों की तरह ही शुरू हुई थी. लोग काम पर जा रहे थे, दफ्तरों में दिन की शुरुआत हो रही थी और शहर अपनी सामान्य रफ्तार में था. लेकिन कुछ ही देर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स पर हुए हमले ने सब कुछ बदल दिया. उस दिन हजारों लोगों की जिंदगी खत्म हो गई और उससे कहीं ज्यादा परिवारों की दुनिया हमेशा के लिए बदल गई. इस भयावह दिन की कई तस्वीरें इतिहास में दर्ज हुईं, लेकिन एक तस्वीर ऐसी थी जिसने पूरी दुनिया को भीतर तक झकझोर दिया. इसमें एक व्यक्ति ऊंचाई से नीचे गिरता दिखाई देता है. उसका चेहरा नजर नहीं आता और उसकी पहचान आज तक निश्चित नहीं हो सकी. इसी वजह से वह तस्वीर The Falling Man के नाम से मशहूर हुई.
कैमरे में कैद हुआ आखिरी पल
इस तस्वीर को Associated Press के फोटोग्राफर रिचर्ड ड्रू ने खींचा था. वह उस दिन न्यूयॉर्क फैशन वीक से जुड़े असाइनमेंट के लिए शहर में थे, लेकिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले की खबर मिलते ही वह घटनास्थल की ओर निकल पड़े. वहां पहुंचने पर उन्होंने टावरों से लोगों को नीचे गिरते देखा. इसी दौरान उनका कैमरा एक ऐसे व्यक्ति पर ठहर गया, जो इमारत से नीचे गिर रहा था. तस्वीर में उसके पीछे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारत की सीधी रेखाएं दिखाई देती हैं और वह व्यक्ति लगभग सीधी स्थिति में नीचे जाता नजर आता है. यह तस्वीर महज एक दृश्य नहीं थी. यह उस इंसान के जीवन के आखिरी पलों का रिकॉर्ड थी.
कौन था The Falling Man?
इस तस्वीर के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि इसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन था. समय के साथ कई संभावित पहचान सामने आईं. कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि वह विंडोज ऑन द वर्ल्ड रेस्तरां में काम करने वाला कर्मचारी हो सकता है. हालांकि, उसकी पहचान की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी. यही वजह है कि The Falling Man आज भी एक अनजान व्यक्ति है. लेकिन इस तस्वीर की ताकत शायद इसी में है. उसमें किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं है, फिर भी वह उन तमाम लोगों की याद बन गई, जिनकी जान उस दिन चली गई.
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तस्वीर पर भी उठे थे सवाल
9/11 के अगले दिन कुछ अखबारों ने इस तस्वीर को प्रकाशित किया, लेकिन कई जगह इसे दोबारा छापने से परहेज किया गया. सवाल यह था कि क्या किसी इंसान के जीवन के आखिरी पल को इस तरह सार्वजनिक करना उचित है. दूसरी तरफ, तस्वीर को पत्रकारिता के दस्तावेज के तौर पर भी देखा गया. फोटोग्राफर रिचर्ड ड्रू के लिए यह किसी की मौत को तमाशे की तरह पेश करना नहीं था, बल्कि उस दिन घट रही भयावह घटना को रिकॉर्ड करना था.
9/11 में क्या हुआ था
11 सितंबर 2001 को अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकवादियों ने चार विमानों का अपहरण किया. इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराया गया. दोनों इमारतें बाद में ढह गईं. तीसरा विमान पेंटागन से टकराया, जबकि यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 93 के यात्रियों और क्रू ने अपहर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की. विमान पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इन हमलों में कुल 2,977 लोगों की मौत हुई. इनमें आम नागरिकों के साथ पुलिस अधिकारी, फायरफाइटर, पैरामेडिक्स और विमान के क्रू सदस्य भी शामिल थे.