जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी
जापान में 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है. अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी जारी की.
नई दिल्ली: जापान के उत्तर-पूर्वी तोहोकू क्षेत्र में जोरदार भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 7.4 है. भूकंप का केंद्र सानरिकु तट से कुछ दूर समुद्र में स्थित था. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि उत्तर-पूर्वी जापान के कई शहरों और कस्बों में इन्हें महसूस किया गया. निवासियों के अनुसार, जमीन में जोरदार कंपन हुआ, जो कई सेकेंड तक जारी रहा. भूकंप के तुरंत बाद, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की तत्काल चेतावनी जारी कर दी. एजेंसी का कहना है कि 30 मिनट के अंदर तटीय इलाकों तक लहरें पहुंच सकती हैं.
अधिकारियों ने तट के किनारे रहने वाले लोगों से आग्रह किया कि वो बिना किसी देर के ऊंची जगहों या अंदरूनी सुरक्षित जगहों पर चले जाएं. जापान के राष्ट्रीय प्रसारक NHK ने लोगों को जागरूक रहने के लिए कहा. इनका कहना है कि टेलीविजन, रेडियो और मोबाइल फोन पर नजर रखें, जिससे इमरजेंसी अलर्ट प्रसारित किए जा सके.
इन इलाकों को किया गया हाई अलर्ट:
अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि होक्काइडो का मध्य प्रशांत तट, आओमोरी प्रीफेक्चर का तट और इवाते प्रीफेक्चर का तट हाई-अलर्ट इलाकों में शामिल है.
जापान में इससे पहले भी आया था भूकंप:
जापान दुनिया के उन देशों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं. बता दें कि यह चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर बसा है, जो लगातार एक-दूसरे को धकेलती और खिसकती रहती हैं. यही एक वजह है, जिससे यह देश प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का एक अहम हिस्सा बन जाता है.
बता दें कि यह एक ऐसा इलाका है जहां अक्सर भूकंप आते हैं और ज्वालामुखी फटते रहते हैं. ऐसा कहा जाता है कि इस देश में हर साल लगभग 1,500 भूकंप आते हैं. इसका मतलब है कि देश में लगभग हर दिन कहीं न कहीं भूकंपीय हलचल रिकॉर्ड की जाती है. दुनिया भर में आने वाले कुल भूकंपों में से लगभग 18% भूकंप अकेले जापान में ही आते हैं.
2011 में आया था भयंकर भूकंप:
जापान के इतिहास की बात करें तो 2011 में यहां भूकंप और सुनामी आया था. इस दौरान 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था. इस दौरान करीब 18,500 लोग मारे गए या लापता हो गए. इस आपदा की वजह से फुकुशिमा पावर प्लांट में एक गंभीर परमाणु हादसा भी हुआ.