ईरान संघर्ष से आगे की प्लानिंग बना रहे डोनाल्ड ट्रंप, मिडिल ईस्ट के लिए तैयार हो रहा तीन प्वाइंट का मसौदा

अमेरिका-ईरान संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन युद्ध समाप्ति के बाद मध्य पूर्व के लिए व्यापक योजना तैयार कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, रणनीति का मसौदा बन रहा है, जिसमें ईरान के खिलाफ क्षेत्रीय मोर्चा बनाना, इजरायल को पड़ोसियों से जोड़ने और अब्राहम समझौतों का विस्तार शामिल है.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अभी थमता नजर नहीं आ रहा है. वहीं रिपोर्ट के मतुाबिक राष्ट्रपति ट्रंप इस संघर्ष से भी आगे की प्लानिंग बनाने की तैयारी शुरू कर चुके हैं. प्रशासन एक ऐसी व्यापक योजना पर काम कर रहा है, जो युद्ध समाप्ति के बाद मिडिल ईस्ट के प्रति अमेरिका के रुख को बदल सकती है.

सूत्रों के मुताबिक इस रणनीति का मसौदा अभी तैयार किया जा रहा है. इस रणनीति का मुख्य फोकस ईरान को रोकने के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों का एकजुट मोर्चा बनाना है. वाशिंगटन इसमें सुरक्षा गारंटी देने वाली भूमिका निभा सकता है. साथ ही, प्रशासन इजरायल को अपने पड़ोसी देशों के साथ गहरे संबंध बनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दे रहा है.

क्या है ट्रंप की प्लानिंग?

ट्रंप ने निजी तौर पर कई लोगों से कहा है कि ईरान युद्ध के बाद वे मिडिल ईस्ट के लिए कुछ बहुत बड़े पर काम कर रहे हैं. यह मसौदा वरिष्ठ सलाहकारों और अमेरिकी सरकार की कई एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जा रहा है. मिल रही जानकारी के मुताबिक इस योजना के तीन मुख्य हिस्से हो सकते हैं.


पहला, क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों को ईरान के खिलाफ एकजुट करना है. दूसरा, 7 अक्टूबर 2023 (इजरायल-गाजा) के हमलों के बाद उत्पन्न तनावों को कम करना है. इसके तहत इजरायल और सीरिया के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर बातचीत तथा मौजूदा इजरायल-लेबनान समझौते को लागू करना शामिल हो सकता है. वहीं इस पूरी रणनीति का तीसरा बड़ा लक्ष्य अब्राहम समझौतों का विस्तार और इजरायल-सऊदी अरब के बीच सामान्यीकरण समझौता हासिल करना है. सऊदी-इजरायली समझौता ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है.

इजरायल और अमेरिका में चुनाव

इजरायल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने वाले हैं, जबकि अमेरिका में नवंबर में मध्यावधि चुनाव हैं. ट्रंप की टीम को उम्मीद है कि चुनाव के बाद बनने वाली इजरायली सरकार नई रणनीति पर सहयोग करेगी. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यदि चुनाव परिणाम राजनीतिक गतिरोध पैदा करते हैं, तब भी ट्रंप आगे बढ़ेंगे.

ट्रंप ने हाल के हफ्तों में वरिष्ठ सलाहकारों के साथ दो बैठकों में इस उभरती रणनीति पर चर्चा की. सूत्रों के अनुसार, रणनीति पूरी तरह तैयार होने में अभी कई हफ्ते लग सकते हैं. एक सूत्र ने कहा कि वे इस पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है. मकसद युद्ध के बाद क्षेत्र में आपसी तालमेल बनाना है. अभी यह स्पष्ट नहीं कि सभी सहयोगी देश इसमें शामिल होंगे या नहीं.