'मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध समेत सात युद्ध रुकवाए', संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने फिर किया दावा

Donald Trump: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने केवल सात महीनों में सात युद्धों को समाप्त कर दिया. ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में अपनी भूमिका दोहराते हुए इसे एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया.

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Anubhaw Mani Tripathi

Donald Trump: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने विवादित दावों को जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कोई भी युद्ध नहीं रुकवाया, जबकि उन्होंने खुद 9 महीने के अंदर सात युद्ध रुकवाए. ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने भारत-पाक के बीच युद्ध रोका, अरब देशों की दुश्मनी समाप्त कराई.”

टेलीप्रॉम्प्टर में खलल, फिर भी दिया महत्वपूर्ण भाषण

भाषण की शुरुआत में ट्रंप को टेलीप्रॉम्प्टर में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई और कहा, “अगर यह काम नहीं कर रहा होता तो आप अधिक दिल से बोलते हैं.” इसके बाद उन्होंने अपना भाषण जारी रखा और विश्व शांति, युद्धविराम और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की.

भारत-पाकिस्तान और इजरायल-ईरान के युद्ध का दावा

ट्रंप ने सात युद्धों को समाप्त करने का दावा किया, जिनमें भारत-पाकिस्तान का युद्ध और इजरायल-ईरान के बीच 12 दिनों तक जारी संघर्ष भी शामिल था. उन्होंने कहा कि यह युद्ध सालों से जारी थे, और लाखों लोगों की जानें चली गईं. ट्रंप का कहना था कि उन्होंने इन युद्धों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई, जबकि यूएन इस दिशा में कोई खास प्रयास नहीं कर सका.

संयुक्त राष्ट्र पर सवाल उठाए

ट्रंप ने अपनी आलोचना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने कभी कोई युद्ध नहीं रुकवाया. अधिकतर मामलों में वे बस सख्त शब्दों के पत्र लिखते हैं और उसका पालन नहीं करते. उनका कहना था कि ऐसे खाली शब्दों से कोई फर्क नहीं पड़ता. ट्रंप ने यूएन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी क्षमता से काम न करने के लिए जिम्मेदार ठहराया.

अपने भाषण के दौरान ट्रंप को टेलीप्रॉम्प्टर में अचानक खलल का सामना करना पड़ा. हालांकि, ट्रंप ने इस स्थिति को मजाकिया अंदाज में लिया और कहा, "अगर यह काम नहीं कर रहा है तो आप दिल से बोलते हैं. जो भी इसे चला रहा है, वह मुसीबत में है." इसके बाद उन्होंने बिना किसी रुकावट के अपना भाषण जारी रखा.

फिलिस्तीन के मुद्दे पर ट्रंप का बयान

अपने भाषण में ट्रंप ने अमेरिका की ताकत और उपलब्धियों का बखान किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था, सैन्य शक्ति, सीमाएं और राष्ट्रीय भावना है. उन्होंने इसे "अमेरिका का गोल्डन एज" बताते हुए कहा कि अमेरिका वैश्विक स्तर पर सम्मानित है. ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि देश में ऊर्जा की कीमतों, गैसोलीन, और किराने की वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है.

ट्रंप ने फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देशों की आलोचना करते हुए कहा, "कुछ लोग फिलिस्तीनी राज्य को एकतरफा मान्यता देने की कोशिश कर रहे हैं, जो संघर्ष को बढ़ावा देता है." उन्होंने यह भी कहा कि "हमास आतंकवादियों को उनके अत्याचारों का बड़ा इनाम मिलेगा." ट्रंप ने यह बयान 7 अक्टूबर को होने वाले हमलों का संदर्भ देते हुए दिया.

रूस-यूक्रेन युद्ध 

रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप ने नाटो देशों की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपने खिलाफ युद्ध को फंड कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "नाटो देश रूस से लड़ते हुए उससे तेल और गैस खरीद रहे हैं, यह उनके लिए शर्मनाक है." ट्रंप ने कहा कि अगर रूस के साथ समझौता नहीं हुआ, तो वह उन देशों पर कई तरह के शुल्क (टैरिफ) लगाने के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने कहा कि वह बायोलॉजिकल हथियारों पर रोक लगाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करेंगे. उन्होंने इन हथियारों पर रोक लगाने की ज़रूरत को महसूस किया और इसका समाधान ढूंढने का आश्वासन दिया.