'समझौता करो या अंजाम भुगतो', ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी; मेज पर रखीं 15 कड़ी शर्तें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दे दी है. उन्होंने ईरान की 5 शर्तें के ऊपर अमेरिका की 15 शर्तें रख दी...

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Ashutosh Rai

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के 27वें दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा उबाल आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए ईरान को खुली चुनौती दी है. ट्रंप का दावा है कि ईरानी वार्ताकार पर्दे के पीछे समझौते के लिए भीख मांग रहे हैं, जबकि दुनिया के सामने अकड़ दिखा रहे हैं. ट्रंप ने साफ लहजे में कहा, "जल्द सीरियस हो जाओ, वरना पीछे मुड़ने का रास्ता भी नहीं बचेगा."

"ईरान की सैन्य ताकत खत्म": ट्रंप का बड़ा दावा

ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता अब लगभग शून्य हो चुकी है और उसके दोबारा खड़े होने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने ईरान के व्यवहार को अजीब बताते हुए चेतावनी दी कि समय तेजी से हाथ से निकल रहा है. यह बयान तब आया है जब ईरान ने अपनी 5 शर्तों के बिना युद्ध खत्म करने से इनकार कर दिया है.

शर्तों की जंग: 5 बनाम 15

जहां ईरान का कहना है कि युद्ध उसकी शर्तों पर खत्म होगा, वहीं अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाला एक विस्तृत सरेंडर प्लान ईरान के सामने रखा है.

ईरान की 5 मुख्य शर्तें:

1. हमलों और हत्याओं के दौर पर तुरंत रोक.
2. सभी मोर्चों पर युद्ध की पूर्ण समाप्ति.
3. भविष्य में युद्ध न होने का ठोस अंतरराष्ट्रीय तंत्र.
4. युद्ध से हुए नुकसान का पूरा मुआवजा.
5. होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता.

ट्रंप की 15 कड़ी शर्तें:

अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह निहत्था करने का प्लान बनाया है:

  • परमाणु सरेंडर: नतान्ज और इस्फहान जैसी परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना और सारा संवर्धित यूरेनियम IAEA को सौंपना.
  • मिसाइल कंट्रोल: ईरान की मिसाइलों की संख्या और उनकी मारक क्षमता को सीमित करना.
  • होर्मुज का रास्ता: वैश्विक तेल सप्लाई के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना.
  • प्रॉक्सी वॉर का अंत: क्षेत्रीय आतंकी गुटों को मिल रहा ईरानी समर्थन बंद करना.

बदले में क्या मिलेगा? अगर ईरान ये शर्तें मानता है, तो अमेरिका प्रतिबंध हटाएगा और बिजली उत्पादन में सहयोग करेगा.


वैश्विक बाजार पर असर

28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने दुनिया की कमर तोड़ दी है:

कच्चा तेल: युद्ध के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं.
होर्मुज संकट: दुनिया का 20% तेल व्यापार इसी रास्ते से होता है, जो फिलहाल ईरान के नियंत्रण के कारण बाधित है.
परमाणु चिंता: IAEA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अब 90% शुद्धता वाला पर्याप्त यूरेनियम है, जो परमाणु बम बनाने के करीब है.
आर्थिक नुकसान: इस 27 दिन की जंग में अब तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को $2 ट्रिलियन से अधिक का झटका लगने का अनुमान है.