जहां कभी नहीं जा सके पीएम मोदी, वहां ट्रंप को ले गए शी; जानें क्या है चीन का गुप्त परिसर 'झोंगनानहाई'
चीन दौरे के दौरान ट्रंप का जिनपिंग ने खास स्वागत किया. शी जिनपिंग ट्रंप को उस सीक्रेटिव जगह लेकर गए जहां आज तक किसी भारतीय प्रधानमंत्री को नहीं ले जाया गया.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चीन दौरे के आखिरी दिन बीजिंग के एक बहुत ही सीक्रेट और कड़ी सुरक्षा वाले परिसर झोंगनानहाई में वक्त गुजारा था. खास बात यह है कि चीन आज तक भारत के किसी भी प्रधानमंत्री को इस जगह पर नहीं लेकर गया है जबकि प्रधामंत्री मोदी पांच बार बीजिंग जा चुके हैं.
दरअसल यह जगह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का राजनीतिक केंद्र मानी जाती है और यहीं राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित चीन के टॉप लीडर रहते हैं और काम करते हैं. बहुत ही कम विदेशी नेताओं को इस परिसर में आने की परमिशन मिलती है. यही कारण है कि ट्रंप की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है.
चीन में कहां है ये सीक्रेट जगह
झोंगनानहाई बीजिंग की मशहूर फॉरबिडन सिटी के पास मौजूद है. यह ऊंची लाल दीवारों के पीछे छिपा हुआ है. इस जगह को अक्सर अमेरिका के व्हाइट हाउस और रूस के क्रेमलिन से कंपेयर किया जाता है. इस इलाके की सिक्योरिटी भी बहुत ही टाइट है. यहां की तस्वीरें और नक्शे भी इंटरनेट पर बहुत ही लिमिटेड हैं. परिसर की सिक्योरिटी के लिए एक स्पेशन आर्मी यूनिट तैनात रहती है जिसका काम चीन के टॉप लीडरों की रक्षा करना होता है.
जिनपिंग ने ट्रंप को कराई बगीचों की सैर
अपने दौरे के दौरान शी जिनपिंग ने खुद ट्रंप का स्वागत किया और उन्हें परिसर के सुंदर बगीचों की सैर भी कराई. दोनों नेता साथ घूमते नजर आए और रुककर खिलते हुए गुलाबों को भी देखा. रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रंप की दिलचस्पी देखकर शी जिनपिंग ने उन्हें गुलाब के बीज भेजने की बात भी कही है. इसके बाद दोनों नेताओं ने चाय और दोपहर के भोजन के दौरान बातचीत की.
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चीनी अधिकारियों ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर चीनी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप को झोंगनानहाई में बुलाना आपसी सम्मान और दोस्ती का प्रतीक था. उन्होंने ये भी कहा कि 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने शी जिनपिंग की मेजबानी फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट में की थी उसी के जवाब में ट्रंप को यह खास निमंत्रण दिया गया था.
जिनपिंग ने ट्रंप को बताईं कई बातें
शी जिनपिंग ने ट्रंप को झोंगनानहाई को लेकर कुछ जानकारी भी दी. शी ने कहा कि ये सिर्फ ऑफिस नहीं है बल्कि चीन के शीर्ष नेताओं के रहने की भी जगह है. 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद से माओ जेडोंग, देंग शियाओपिंग, जियांग जेमिन और हू जिंताओ जैसे कई बड़े नेता यहां रह चुके हैं. इसलिए ट्रंप की यह यात्रा चीन की ओर से एक बड़ा कूटनीतिक संकेत मानी जा रही है.