अमेरिका के मिसाइल हमले में मारी गईं ईरान के स्कूल में 100 छात्राएं? जानें रिपोर्टर के सवाल पर क्या बोले ट्रंप?
ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले में 170 लोगों की मौत के बाद विवाद बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जांच रिपोर्ट जो भी बताएगी, वह उसे स्वीकार करने को तैयार हैं.
ईरान के मिनाब शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस हमले में लगभग 170 लोगों की मौत बताई जा रही है, जिनमें 100 से अधिक छात्राएं थीं. कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह हमला अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल से हुआ हो सकता है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस घटना की जांच चल रही है और जो भी निष्कर्ष सामने आएगा, वह उसे स्वीकार करने को तैयार हैं.
मिनाब स्कूल हमले पर बढ़ा विवाद
ईरान के अनुसार यह हमला फरवरी के अंत में हुए अमेरिका-इजराइल हमलों के दौरान हुआ. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि इस घटना में 170 से अधिक लोग मारे गए. ईरानी मीडिया में प्रसारित तस्वीरों में बड़ी संख्या में लोगों को अंतिम विदाई देते हुए दिखाया गया. कई ताबूतों पर बच्चों की तस्वीरें लगी थीं. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक मृतकों में बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल थीं.
जांच में सामने आए शुरुआती संकेत
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों की जांच में यह संभावना जताई गई है कि हमले में टॉमहॉक मिसाइल का इस्तेमाल हुआ. सैटेलाइट तस्वीरों और वीडियो के आधार पर कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि स्कूल भवन को सटीक हमले में नुकसान पहुंचा. उसी समय आसपास के एक नौसैनिक ठिकाने पर भी हमले की खबरें आई थीं. टॉमहॉक मिसाइल का उपयोग मुख्य रूप से अमेरिकी सेना करती है, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं.
क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा कि उन्हें घटना के बारे में पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच चल रही है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि संभव है ईरान खुद ही हमले के लिए जिम्मेदार हो, हालांकि इस दावे पर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं. बाद में उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जो भी बताएगी, वह उसे स्वीकार करने को तैयार हैं.
अमेरिका और इजराइल की प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाता और घटना की जांच की जा रही है. वहीं इजराइली सेना ने कहा कि उसे किसी स्कूल पर हमले की जानकारी नहीं है. वहीं ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह खुद अपने नागरिकों पर हमला नहीं करेगा. इस घटना ने पहले से चल रहे संघर्ष को और अधिक विवादास्पद बना दिया है.