‘US के लिए बुरा…’ बर्थराइट सिटिजनशिप के फैसले पर ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. बता दें कि कोर्ट ने बर्थराइट सिटिजनशिप (जन्म से नागरिकता) को बरकरार रखा है. ट्रंप ने कोर्ट के इस फैसले को अमेरिका के लिए बहुत बुरा बताया है.
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. बता दें कि कोर्ट ने बर्थराइट सिटिजनशिप (जन्म से नागरिकता) को बरकरार रखा है. ट्रंप ने कोर्ट के इस फैसले को अमेरिका के लिए बहुत बुरा बताया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने बर्थराइट सिटिजनशिप को बरकरार रखा, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है. लेकिन हम कांग्रेस के जरिए आसानी से कानून बना सकते हैं.”
इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि कांग्रेस को आज से ही काम शुरू कर देना चाहिए. ट्रंप ने आगे लिखा, “कांग्रेस को महंगे और अनुचित बर्थराइट सिटिजनशिप को खत्म करने के लिए कानून बनाना चाहिए. मुझे पूरा समर्थन मिलेगा. कोई लंबा संवैधानिक संशोधन करने की जरूरत नहीं है.”
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क्या था पूरा मामला?
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रहने वाले माता-पिता के बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से इस आदेश को खारिज कर दिया. चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, चाहे उनके माता-पिता अवैध रूप से वहां रह रहे हों, वे भी चौदहवीं संशोधन के तहत नागरिक हैं.
भारतीयों को मिली राहत:
यह फैसला खासतौर पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. अमेरिका में लाखों भारतीय H-1B, L-1 और F-1 वीजा पर काम और पढ़ाई कर रहे हैं. जन्म से नागरिकता का अधिकार बरकरार रहने से उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली है.
ट्रंप का अगला कदम:
ट्रंप ने कहा कि वे कांग्रेस के जरिए नया कानून लाकर इस व्यवस्था को बदलने की कोशिश करेंगे. न्याय विभाग ने भी कहा है कि वे गैरकानूनी तरीके से नागरिकता हासिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेंगे. देखा जाए तो यह फैसला ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति का पहला बड़ा झटका माना जा रहा है.