हाल ही में, अमेरिका ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से अपनी सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद चीन ने इस संगठन का समर्थन करने का संकल्प लिया है. चीन का यह कदम स्वास्थ्य से ज्यादा वैश्विक प्रभाव को मजबूत करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है, और इसके साथ ही WHO को चीन के राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा देने के एक उपकरण के रूप में उपयोग किए जाने का खतरा भी पैदा हो गया है.
ट्रंप ने लगाया था WHO पर आरोप
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHO से अमेरिका की सदस्यता को समाप्त करने का आदेश दिया था, यह कदम उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान WHO की भूमिका को लेकर उठाया. ट्रंप ने संगठन की आलोचना करते हुए कहा था कि WHO ने कोरोना वायरस के फैलने के मामले में देर से कार्रवाई की और चीन को बचाने की कोशिश की, जिससे अमेरिका को इस संस्था से जुड़ने का कोई औचित्य नहीं दिखा.
China pledges to support the World Health Organization after the withdrawal of the United States. pic.twitter.com/KduNnp0wzS
— BRICS News (@BRICSinfo) January 25, 2025Also Read
चीन का WHO का समर्थन
अमेरिका के WHO से हटने के बाद, चीन ने संगठन के प्रति अपने समर्थन का सार्वजनिक रूप से ऐलान किया. चीनी अधिकारियों ने कहा कि वे WHO के साथ काम करेंगे ताकि वैश्विक स्वास्थ्य संकटों से निपटने में मदद मिल सके और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके. हालांकि, यह कदम केवल स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर नज़र नहीं आता, बल्कि चीन की वैश्विक शक्ति को और मजबूत करने का प्रयास प्रतीत होता है.
WHO का राजनीतिक उपकरण बनने का खतरा
चीन के इस समर्थन के साथ WHO पर एक बड़ा दबाव बन सकता है कि वह अपने फैसलों को चीनी राजनीतिक दृष्टिकोण के अनुसार ढाले. WHO की भूमिका वैश्विक स्वास्थ्य संकटों के समाधान में महत्वपूर्ण है, लेकिन यदि यह संगठन किसी विशेष देश के राजनीतिक एजेंडे के अधीन हो जाता है, तो इसका उद्देश्य कमजोर हो सकता है. WHO को निष्पक्ष और प्रभावी रूप से कार्य करने के लिए जरूरी है कि वह किसी एक राष्ट्र के प्रभाव से मुक्त रहे.
चीन की वैश्विक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश
चीन का यह कदम दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका और प्रभाव को और मजबूत करने का प्रयास कर रहा है. WHO का समर्थन करने से चीन को एक अवसर मिलेगा, जहां वह खुद को वैश्विक स्वास्थ्य नेता के रूप में स्थापित कर सकता है, खासकर जब अमेरिका की ओर से इस संस्था से हटने की स्थिति उत्पन्न हो गई है.