लंदन-शिकागो फ्लाइट BA295 में इमरजेंसी, पायलट ने जारी किया '7700' कोड; जानिए इसका मतलब

लंदन से शिकागो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की BA295 उड़ान आयरलैंड के ऊपर करीब 37,000 फीट से घटकर लगभग 9,000 फीट पर आ गई.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान का अचानक नीचे आना यात्रियों के लिए बेहद डरावना अनुभव हो सकता है. ऐसा ही कुछ ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 के साथ हुआ. लंदन से अमेरिका के शिकागो जा रहा बोइंग 777 आयरलैंड के ऊपर पहुंचा तो इसकी ऊंचाई में अचानक बड़ा बदलाव दर्ज किया गया. विमान करीब 37,000 फीट से नीचे आकर लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया.

फ्लाइट की ऊंचाई में यह बदलाव फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में सामने आया. इसी दौरान विमान के पायलट ने 7700 इमरजेंसी स्क्वॉक कोड जारी किया. विमानन क्षेत्र में इस कोड को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि इसके जरिए चालक दल एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताता है कि विमान किसी सामान्य आपात स्थिति का सामना कर रहा है. हालांकि, केवल 7700 कोड से यह पता नहीं चलता कि समस्या किस तरह की है.

अचानक बदली विमान की ऊंचाई

ब्रिटिश एयरवेज की BA295 फ्लाइट लंदन हीथ्रो से अमेरिका के शिकागो ओ'हेयर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी. आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय विमान करीब 37,000 फीट की ऊंचाई पर था. इसके बाद इसकी ऊंचाई तेजी से घटकर लगभग 9,000 फीट रह गई. विमान की ऊंचाई में आए इस बदलाव की जानकारी फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से मिली.


7700 कोड ने बढ़ाई चिंता

विमान की ऊंचाई कम होने के बाद पायलट ने स्क्वॉक 7700 कोड सक्रिय किया. स्क्वॉक चार अंकों का कोड होता है, जिसे विमान का ट्रांसपोंडर एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भेजता है. 7700 किसी खास तकनीकी खराबी या समस्या का नाम नहीं है. इसका इस्तेमाल सामान्य आपात स्थिति बताने के लिए किया जाता है, ताकि कंट्रोलर्स विमान को प्राथमिकता के आधार पर सहायता दे सकें.

आखिर क्यों इस्तेमाल होता है 7700?

जब किसी विमान का चालक दल ऐसी स्थिति का सामना करता है जिसमें तत्काल मदद की जरूरत हो, तो 7700 कोड प्रसारित किया जा सकता है. यह एयर ट्रैफिक कंट्रोल को संकेत देता है कि विमान आपात स्थिति में है. इसके बाद कंट्रोलर्स चालक दल की जरूरत के मुताबिक मदद और उड़ान के लिए साफ रास्ता उपलब्ध कराने पर ध्यान देते हैं. हालांकि, 7700 देखकर अकेले यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि विमान में किस तरह की परेशानी आई थी.

कुछ दिन पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

यह घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़े मामले के कुछ दिनों बाद सामने आई. 30 सितंबर को तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट ने इमरजेंसी स्क्वॉक कोड भेजा था. इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदलकर तबुक की ओर रुख किया था. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान दो मिनट से भी कम समय में करीब 17,400 फीट नीचे आया था.