बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने जन्माष्टमी कार्यक्रम में कंस से कर दी शेख हसीना की तुलना
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ढाका में जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का नाम लिए बिना उनकी तुलना अत्याचारी राजा 'कंस' से की और सांप्रदायिक सौहार्द का आह्वान किया.
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ढाका स्थित उस्मानी मेमोरियल ऑडिटोरियम में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. धार्मिक मामलों के मंत्रालय और हिंदू धार्मिक कल्याण ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर से हिंदू समुदाय के प्रतिनिधि, धार्मिक नेता और पुजारी शामिल हुए.
पूर्व नेतृत्व पर 'कंस' जैसा तंज
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लेख करते हुए तारिक रहमान ने कहा कि लगभग 5,500 वर्ष पूर्व मथुरा में अत्याचारी राजा कंस का शासन था, जिसे हराकर श्रीकृष्ण ने अधर्म का नाश किया. देश की राजनीतिक स्थिति से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का नाम लिए बिना कहा कि एक 'कंस' जैसे शासक ने 15 वर्षों तक जनता को लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा.
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'अल्पसंख्यक नहीं, खुद को बांग्लादेशी समझें'
देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री ने नागरिकों से एकजुटता की अपील की. उन्होंने कहा कि लोगों को खुद को बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक के नजरिए से देखने के बजाय केवल 'बांग्लादेशी' समझना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का हर नागरिक समान अधिकारों और सुरक्षा का हकदार है.
सांप्रदायिक सौहार्द और पुजारियों का सम्मान
तारिक रहमान ने देश में अशांति फैलाने की साजिशों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी और हिंदू समाज से जन्माष्टमी तथा आगामी दुर्गा पूजा को बिना किसी डर के शांतिपूर्वक मनाने का आग्रह किया. इस अवसर पर उन्होंने नौ पुजारियों को प्रत्यक्ष रूप से और इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (EFT) के जरिए देश भर के पुजारियों व सेवाइतों को मानदेय वितरित किया.