क्या ईरान पर होने वाला है हमला? अमेरिका ने तैयार किया भारी हथियारों का जखीरा, एक्टिव हुआ इजरायल
मिडिल ईस्ट के आसमान में एक बार फिर बारूद की गंध फैलने लगी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिले-जुले संकेतों और इजराइल की अचानक बढ़ी युद्ध की तैयारियों ने दुनिया को एक बड़े सैन्य संघर्ष के मुहाने पर खड़ा कर दिया है.
नई दिल्लीः मिडिल ईस्ट के आसमान में एक बार फिर बारूद की गंध फैलने लगी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिले-जुले संकेतों और इजराइल की अचानक बढ़ी युद्ध की तैयारियों ने दुनिया को एक बड़े सैन्य संघर्ष के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. क्या वाकई ईरान पर हमला होने वाला है. यह सवाल आज पूरी दुनिया की जुबान पर है.
अमेरिकी सेना ने ईरान की सीमाओं के करीब अपनी ताकत को अभूतपूर्व तरीके से तैनात करना शुरू कर दिया है. फाइटर जेट्स से लैस यह विशाल विमानवाहक पोत डार्क मोड में अरब सागर की ओर बढ़ रहा है. जॉर्डन के एयर बेस पर अमेरिका ने अपने घातक लड़ाकू विमानों की तैनाती की है. इजराइल, कतर और जॉर्डन में अतिरिक्त THAAD और पैट्रियट मिसाइल बैटरियां तैनात की गई हैं, ताकि ईरान के किसी भी जवाबी हमले को रोका जा सके.
ट्रंप की रणनीति
दावोस में ट्रंप ने संकेत दिए कि वे सैन्य कार्रवाई नहीं चाहते, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि विकल्प अभी भी मेज पर हैं. ट्रंप का दावा है कि उनकी धमकियों की वजह से ईरान ने 800 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला टाल दिया है. हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप अपने अधिकारियों से निर्णायक हमले की योजना तैयार रखने को कह रहे हैं.
युद्ध की आहट
इस युद्ध की आहट के बीच सबसे ज्यादा डरी हुई है वहां की आम जनता. ईरान के भीतर प्रदर्शनों में अब तक 5,000 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं. इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद वहां से आ रही यातनाओं की कहानियां रूह कंपा देने वाली हैं. अगर युद्ध शुरू होता है, तो इसका खामियाजा उन मासूमों को भुगतना होगा जो पहले से ही महंगाई और दमन की मार झेल रहे हैं. इजराइल में भी लोग होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन कर रहे हैं. इजराइली सेना (IDF) को डर है कि अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब ईरान सीधे इजराइल पर मिसाइल दागकर दे सकता है.
ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि इस बार ईरान शांत नहीं बैठेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी हमला पूरे क्षेत्र को एक ऐसे विनाशकारी युद्ध में धकेल देगा, जिसे संभालना वाशिंगटन के बस में नहीं होगा.