पाकिस्तान में 'धुरंधर' ऑपरेशन: अज्ञात बंदूकधारियों का खौफ, भारत के मोस्ट वांटेड का चुन-चुन कर सफाया

पाकिस्तान में धुरंधर फिल्म की तरह ही एक-एक करके भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों को मारा जा रहा है.

X
Ashutosh Rai

पाकिस्तान की धरती पर पिछले कुछ सालों से एक रहस्यमयी शैडो वॉर चल रहा है. भारत के जो मोस्ट वांटेड आतंकी दशकों से वहां सुरक्षित पनाहगाहों में बैठे थे, वे अब अज्ञात बंदूकधारियों का शिकार हो रहे हैं. हाल ही में लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमज़ा की सरेआम हत्या कर दी गई, जो इसी सिलसिले की एक और कड़ी है. हमजा, जिस पर अमेरिका ने भी प्रतिबंध लगाया था. 1980 के दशक में कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की नींव रखी थी.

अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतारा

यह कोई इकलौती वारदात नहीं है. पिछले तीन से चार वर्षों के अंदर पूरे पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बूल मुजाहिदीन से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा आतंकी कमांडरों को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया है. हमजा की हत्या से ठीक पहले, जैश प्रमुख मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर का शव भी बेहद रहस्यमय परिस्थितियों में बरामद हुआ था.

हिट-लिस्ट में बड़े नाम शामिल

इस लंबी होती हिट-लिस्ट में कई कुख्यात नाम शामिल हैं. मार्च 2024 में लश्कर के शीर्ष कमांडर जिया-उर-रहमान को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भून दिया. बता दें कि रहमान को उस रियासी बस हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था, जिसमें 9 जून 2024 को आतंकवादियों ने नौ तीर्थयात्रियों की हत्या कर दी थी. इसी तरह, भारत के सबसे वांछित आतंकियों में शुमार खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार को पाकिस्तानी सुरक्षा के बावजूद लाहौर में सुबह की सैर के वक्त करीब से गोली मार दी गई.

नकाबपोशों ने शाहिद लतीफ को किया था ढेर

इन आतंकियों के खात्मे का तरीका भी खौफनाक है. 10 अक्टूबर, 2023 को सियालकोट की एक मस्जिद के अंदर नकाबपोशों ने 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले के साजिशकर्ता शाहिद लतीफ को उसके अंगरक्षकों की मौजूदगी में ही ढेर कर दिया. वहीं हाफिज सईद के करीबी मुफ्ती कैसर फारूक़ को कराची में गोली मारी गई. इसके अलावा, 2018 के सुंजवान हमले के आरोपी ख्वाजा शाहिद का सिर कटा शव PoK में मिला, जिस पर भयंकर यातना के निशान थे.

जहूर मिस्त्री को भी मारा था

इससे पहले मार्च 2022 में कराची में जहूर मिस्त्री को भी दो अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था. मिस्त्री 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC 814 का अपहरण करने वाले पांच आतंकियों में से एक था, जिसने दबाव बनाने के लिए 25 वर्षीय यात्री रूपिन कात्याल को चाकू से गोदकर मार डाला था.

आपसी रंजिश का नतीजा

नवंबर 2023 में खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर के रिक्रूटर अकरम खान गाजी की बाइक सवारों द्वारा हत्या ने पाकिस्तानी एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. पाकिस्तानी अधिकारी जहां इन घटनाओं में बाहरी ताकतों का शक जता रहे हैं. वहीं स्थानीय मीडिया इसे आतंकी नेटवर्कों के भीतर चल रही आपसी रंजिश का नतीजा मान रहा है. वजह चाहे जो हो, लेकिन डिजिटल स्पेस से लेकर जमीनी हकीकत तक एक बात तय है कि भारत के दुश्मनों के लिए अब पाकिस्तान भी महफूज नहीं रहा.