ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच खामेनेई सरकार का शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों को सड़क पर उतारा
यह रैली ऐसे समय में हुई है जब दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल चुका है. शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों की हड़ताल से हुई थी.
तेहरान: ईरान में पिछले दो सप्ताह से जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने अपनी ताकत दिखाने के लिए सोमवार को राजधानी तेहरान में समर्थकों को सड़कों पर उतारा. राज्य टेलीविजन द्वारा प्रसारित तस्वीरों में देखा गया कि लोग ईरान का झंडा लहराते हुए एंगेलाब स्क्वायर (क्रांति चौक) में जमा हुए, जहां सुरक्षा बलों के उन सदस्यों के लिए प्रार्थना की गई, जिनकी मौत विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई.
सरकार ने इन विरोधों को "दंगे" या "उपद्रव" करार देते हुए विदेशी ताकतों, खासकर अमेरिका और इजराइल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है. राज्य मीडिया ने इस रैली को "अमेरिकी-जायनवादी आतंकवाद के खिलाफ ईरानी विद्रोह" का नाम दिया. प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सरकार के प्रति समर्थन जताया.
विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैला
यह रैली ऐसे समय में हुई है जब दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल चुके हैं. शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों की हड़ताल से हुई थी. लोग महंगाई और आर्थिक संकट से नाराज थे. जल्द ही ये प्रदर्शन छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों तक पहुंच गए. कई प्रदर्शनकारियों ने 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले के शेर और सूरज वाले झंडे लहराए. विदेशों में स्थित मानवाधिकार समूहों का कहना है कि जहां दर्जनों सुरक्षा बल के सदस्य मारे गए हैं, वहीं सैकड़ों या यहां तक कि हजारों प्रदर्शनकारियों को दमनकारी कार्रवाई में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया है.
सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे गए
सरकार की ओर से इंटरनेट और संचार सेवाओं पर व्यापक ब्लैकआउट लगाया गया है, जिससे विरोध की सही तस्वीर दुनिया तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, जबकि हजारों गिरफ्तार किए गए हैं. अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ बताई जा रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने दी हमले की धमकी
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा है कि यदि ईरान शांतिपूर्ण विरोधियों पर हिंसा जारी रखता है, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है. ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दावा किया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन साथ ही अमेरिका के साथ युद्ध और बातचीत दोनों के लिए तैयार रहने की बात कही.