'इस चुX#$* के 4 साल...,' अमेरिकी पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने ट्रंप को हिंदी में दी गाली, वीडियो में देखें कैसे जर्नलिस्ट भी रह गया हक्का बक्का
अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक कैरल क्रिस्टीन फेयर ने कहा कि लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि हमारे पास एक जटिल नौकरशाही है. और यह नौकरशाही पिछले 25 सालों से इस रिश्ते को मजबूत करने के लिए काम कर रही है.
अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक कैरल क्रिस्टीन फेयर का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने 79 साल के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'चूतिया' कहकर संबोधित किया. हिंदी में इस शब्द का मोटे तौर पर मतलब "मूर्ख" होता है. बता दें कि, यह बयान उन्होंने पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश पत्रकार मुईद पिरजादा को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिया. इंटरव्यू के दौरान जैसे ही ये शब्द उनके मुंह से निकला, सोशल मीडिया पर उनके बयान से हलचल मच गई. इस पर सोशल मीडिया में लोगों ने जमकर रिएक्शन दिए.
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक कैरल क्रिस्टीन फेयर ने बातचीत के दौरान कहा, "मेरे अंदर का आशावादी यह विश्वास करना चाहेगा कि नौकरशाही इसे संभाल लेगी. लेकिन मेरे अंदर का निराशावादी कहता है कि अभी छह महीने हैं और हमें इस च***या के चार साल पूरे करने हैं."इधर, पाकिस्तानी पत्रकार पीरजादा ने प्रसन्नतापूर्वक जवाब दिया, "यह वह शब्द है जिसे मैं उर्दू में बार-बार बोलता हूं और मेरे कई दर्शक इस पर आपत्ति जताते हैं. आपने इसे अंग्रेजी चर्चा में इस्तेमाल कर लिया."
जानिए क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक कैरल क्रिस्टीन फेयर ने जरा भी संकोच नहीं किया. उन्होंने कहा, "हाँ, वह तो एक च***या है." इंटरव्यूयर ने कहा, "च***या शब्द का इतना अधिक महत्व है कि कभी-कभी आप च***या कहे बिना किसी स्थिति का जिक्र नहीं कर सकते. फेयर ने यह भी बताया कि उनकी कार की "लाइसेंस प्लेट च***या है."हालांकि, इंटरव्यू के दौरान कैरल क्रिस्टीन फेयर ने ट्रंप प्रशासन की गंभीर आलोचना की. उन्होंने कहा, "मैं ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की छवि के बारे में कुछ नहीं कह सकती. दुर्भाग्य से, ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारी अपने क्षेत्र में बहुत ज्यादा विशेषज्ञ नहीं हैं. इसलिए उन्हें सिर्फ़ एक महत्वपूर्ण शक्ति मान लेना बहुत लुभावना है."
नौकरशाही पिछले 25 सालों से रिश्ते को मजबूत करने के लिए काम कर रही
अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक कैरल क्रिस्टीन फेयर ने कहा कि लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि हमारे पास एक जटिल नौकरशाही है. और यह नौकरशाही पिछले 25 सालों से इस रिश्ते को मजबूत करने के लिए काम कर रही है. इस नौकरशाही का एक बड़ा हिस्सा अभी-अभी शुरू हुआ है. हमने अभी-अभी हजारों विदेश विभाग के कर्मचारियों को खोया है. हमें इस बात का अंदाजा नहीं है कि वह विशेषज्ञता कहाँ खो गई."
जानिए कौन हैं कैरोल क्रिस्टीन फेयर?
दरअसल, कैरोल क्रिस्टीन फेयर एक अमेरिकी राजनीतिशास्त्री और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जिनकी विशेषज्ञता दक्षिण एशियाई राजनीतिक और सैन्य मामलों में है. उन्होंने रैंड कॉर्पोरेशन, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी शांति संस्थान के साथ काम किया है.
फेयर ने पाकिस्तानी सेना और लश्कर-ए-तैयबा पर किताबें लिखी हैं. वो अक्सर अपने बेबाक विचारों के लिए जानी जाती है. इसके अलावा, वह कई चर्चित विवादों में भी शामिल रही हैं. हालांकि, 2017 में, वह वर्जीनिया के एक जिम में श्वेत राष्ट्रवादी रिचर्ड स्पेंसर के साथ टकराव में शामिल थीं, जिसके कारण स्पेंसर की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी.