इंडिया के बाद अमेरिका में TikTok होगा बैन? US सुप्रीम कोर्ट ने चीन को दिया तगड़ा झटका

भारत में पहले से ही प्रतिबंधित टिकटॉक, संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों में से एक है, जिसका उपयोग लगभग 270 मिलियन अमेरिकी करते हैं - जो देश की लगभग आधी आबादी है.

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Mayank Tiwari

संयुक्त राज्य अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया, जिसमें चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. कोर्ट ने एक संघीय कानून को मान्यता दी, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि टिकटॉक पर प्रतिबंध लग सकता है. इस मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट की एक शीर्ष बेंच ने कहा कि यह कानून, जो पिछले साल कांग्रेस में भारी द्विदलीय बहुमत से पारित हुआ और जो राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा स्वीकृत किया गया.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन के तहत स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर सरकारी प्रतिबंधों के खिलाफ सुरक्षा को नहीं चुनौती देता. अदालत ने एक बिना हस्ताक्षरित राय दी, और इस पर कोई असहमतिपूर्ण टिप्पणी नहीं आई.

बाइडन प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षा चिंताएं

यह निर्णय बाइडन प्रशासन की चेतावनियों के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि टिकटॉक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 'गंभीर' खतरा है, क्योंकि ऐप के चीन से लिंक हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस बात की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि टिकटॉक पर बैन लागू हो सकता है, जो रविवार (19 जनवरी) से प्रभावी हो सकता है.

इससे पहले भारत ने TikTok पर लगाया बैन

भारत में पहले से ही प्रतिबंधित टिकटॉक, संयुक्त राज्य अमेरिका में अग्रणी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म में से एक है, जिसके लगभग 270 मिलियन उपयोगकर्ता हैं - देश की लगभग आधी आबादी, जिसमें से कई युवा उपयोगकर्ता हैं. ऐप की सफलता इसके परिष्कृत एल्गोरिदम में निहित है, जो उपयोगकर्ताओं को उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर अनुकूलित लघु वीडियो प्रदान करता है.

सोशल मीडिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच टकराव

यह मामला सोशल मीडिया युग में स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संघर्ष को उजागर करता है. टिकटॉक पर बैन लगाने की बात ने अमेरिका में सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बहस को और तेज कर दिया है, जहां एक ओर यह ऐप लाखों लोगों के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में महत्वपूर्ण है. वहीं, दूसरी ओर इसे चीन के साथ संभावित खतरों के कारण खतरनाक माना जा रहा है.

टिकटॉक बैन पर तेज़ कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने टिकटॉक बैन मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 जनवरी को इस मामले पर बहस की, जो अमेरिकी कानून में निर्धारित समय सीमा से केवल नौ दिन पहले थी. अदालत का यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच जटिल संतुलन को परिभाषित करता है.