क्या युद्धविराम अधर में है? अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद अमेरिका ने ईरान पर किया हमला; तेहरान ने जारी की कड़ी चेतावनी

अमेरिका ईरान तनाव चरम पर. अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला किया. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास युद्धविराम खतरे में, तेहरान ने आरोप खारिज किए.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है. ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना का अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर हेलीकॉप्टर गिराने का आरोप लगाया जबकि तेहरान ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है.

हेलीकॉप्टर दुर्घटना से भड़की चिंगारी

ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना का एक अत्याधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह जलडमरूमध्य विश्व का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिसे ईरान ने अपने संघर्ष के दौरान प्रभावी रूप से बंद कर दिया था. हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलटों को मानवरहित नाव के जरिये पानी से सुरक्षित बचा लिया गया. यह अपनी तरह का पहला बचाव अभियान बताया जा रहा है.

ट्रंप ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि सैन्य अधिकारियों ने उन्हें बताया कि ईरानियों ने अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों सैन्यकर्मी सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई. इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हमले का जवाब देना जरूरी है. इसके तुरंत बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ईरान के एक द्वीप पर आत्मरक्षा हमले शुरू कर दिए.


अमेरिकी केंद्रीय कमान का बयान

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह अभियान सेना के सर्वोच्च कमांडर के निर्देश पर शुरू किया गया है. बयान में इसे ईरान की अनुचित आक्रामकता का उचित जवाब बताया गया. ईरानी सरकारी मीडिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित एक ईरानी द्वीप पर विस्फोटों की पुष्टि की है. हालांकि तेहरान ने हेलीकॉप्टर गिराने के अमेरिकी आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है.

ईरान ने आरोप किए खारिज, दी कड़ी चेतावनी

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह जलडमरूमध्य अमेरिकी तटों से हजारों मील दूर है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी क्षेत्र के पास काम करने वाली विदेशी सेनाएं मानवीय भूल, दुर्घटना या गोलीबारी का शिकार हो सकती हैं. उनका साफ कहना था कि इस खतरे को कम करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि विदेशी सेनाएं वहां से चली जाएं.

युद्धविराम टूटने की कगार पर

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब दो महीने से चला आ रहा नाजुक युद्धविराम पहले से ही दबाव में था. यह घटना युद्धविराम लागू होने के ठीक एक दिन बाद हुई जब ईरान और इजराइल के बीच पहली बार गोलीबारी हुई थी. ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार इजराइली हमलों में ईरान की वायु रक्षा इकाइयों के कम से कम दो सदस्य मारे गए हैं जिससे युद्धविराम टूटने की आशंका और गहरी हो गई है.