Gaza Conflict: गाजा अस्पताल पर इजरायली एयरस्ट्राइक, अल जजीरा के पत्रकार समेत 14 लोग की गई जान
गाजा के नासर अस्पताल पर इजरायली हमले में अल जजीरा के पत्रकार मोहम्मद सलामा समेत 14 लोग मारे गए. यह घटना तब हुई जब ड्रोन हमले के बाद घायलों को बाहर निकाला जा रहा था और तभी एयरस्ट्राइक कर दी गई. अल जजीरा ने इसकी पुष्टि की है.
Gaza Conflict: गाजा में इजरायली हमलों का सिलसिला जारी है और इस बार एक अस्पताल परिसर निशाना बन गया. इस हमले में अल जजीरा के फोटो जर्नलिस्ट मोहम्मद सलामा की मौत हो गई. कतर स्थित न्यूज नेटवर्क अल जजीरा ने सोमवार को पुष्टि की कि गाजा के एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स पर हुए हमले में सलामा की मौत हुई है. इस भीषण हमले में कुल 14 लोगों की जान चली गई.
अल जजीरा ने बताया कि सलामा कैमरे से मौके को कवर कर रहे थे, तभी अस्पताल परिसर पर हमला हुआ. इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर इजरायल की कार्रवाई की निंदा शुरू हो गई है. नेटवर्क के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि पत्रकार की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
घटना में इतने लोगों की मौत
गाजा सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बासल ने कहा कि इस हमले में पत्रकारों समेत कुल 14 लोग मारे गए. उनका कहना था कि सबसे पहले नासर अस्पताल, खान यूनिस पर एक इजरायली विस्फोटक ड्रोन से हमला किया गया. जब घायलों को बाहर निकाला जा रहा था, तभी एक और एयरस्ट्राइक कर दी गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई.
नागरिक ठिकाने हमलों का शिकार
यह घटना उस समय हुई है जब गाजा में लगातार नागरिक ठिकाने हमलों का शिकार हो रहे हैं. इससे पहले इसी महीने अल जजीरा के चार कर्मचारियों और दो फ्रीलांसर गाजा सिटी के अल-शिफा अस्पताल के बाहर इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे. उस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई थी और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे थे.
अब तक गई हजारों लोगों की जान
गाजा में जारी इस संघर्ष ने अब तक हजारों लोगों की जान ले ली है. अस्पतालों और मेडिकल सुविधाओं पर हमलों से स्थानीय नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई है. कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन बताया है. पत्रकारों पर बढ़ते हमलों से प्रेस की स्वतंत्रता और युद्ध क्षेत्र में रिपोर्टिंग की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं.
प्रेस की आजादी पर हमला
अल जजीरा ने कहा है कि लगातार उनके पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है और यह प्रेस की आजादी पर हमला है. अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मांग की है कि गाजा में पत्रकारों और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित रखा जाए और अस्पतालों को युद्ध का मैदान न बनाया जाए. इस घटना के बाद इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते तनाव पर वैश्विक ध्यान और अधिक केंद्रित हो गया है.