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गाजा में सीजफायर के बीच 5 फिलिस्तीनी मारे गए, IDF ने किया युद्धविराम रेखा पार करने का दावा

Israel Hamas Conflict: आईडीएफ ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि फिलिस्तीनी संदिग्ध या अन्य बंदूकधारी किसी भी सैन्य शिविर में प्रवेश करने में सफल रहे. सेना ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से की गई थी.

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Reepu Kumari

Israel Hamas Conflict: गाजा में एक बार फिर तनाव और हिंसा का माहौल देखने को मिला है. मंगलवार सुबह गाजा शहर के पूर्वी शेजैया इलाके में हुई झड़प में पांच फिलिस्तीनी संदिग्धों की मौत हो गई. इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार, ये संदिग्ध 'पीली रेखा' को पार कर सेना के नजदीक पहुंच गए थे, जो युद्धविराम के तहत एक निर्धारित सीमा थी. जब इन्हें तितर-बितर करने के प्रयास विफल हुए, तो सेना ने खतरे को दूर करने के लिए गोलीबारी की.

दी टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार आईडीएफ ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि फिलिस्तीनी संदिग्ध या अन्य बंदूकधारी किसी भी सैन्य शिविर में प्रवेश करने में सफल रहे. सेना ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से की गई थी. वहीं, इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और लोगों में भय का माहौल है. सेना ने गाजा के नागरिकों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें और सैनिकों के करीब जाने से बचें, ताकि स्थिति और न बिगड़े.

शेजैया में फिर तनाव

आज सुबह गाजा शहर के पूर्वी हिस्से शेजैया में आईडीएफ की गोलीबारी में पांच फिलिस्तीनी संदिग्ध मारे गए. बताया जा रहा है कि ये संदिग्ध उस 'पीली रेखा' को पार कर गए थे, जिसे युद्धविराम समझौते के बाद वापस ले लिया गया था. आईडीएफ ने कहा कि पहले संदिग्धों को तितर-बितर करने की चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया. इसके बाद, सेना ने खतरे को खत्म करने के लिए गोलीबारी की.

इजराइली सेना ने दावा किया है कि कोई भी फिलिस्तीनी बंदूकधारी उनके किसी भी बेस या कैंप में घुसने में सफल नहीं हुआ. यह कार्रवाई केवल सीमाओं की सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई.

गाजा पीस डील

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाजा पीस डील पर हमास और इजरायल दोनों ओर से सहमती देने के साथ ही इजरायल और गाजा के बीच युद्धविराम लागू हो गया. फिलिस्तीनियों के साथ-साथ इजरायल के लोगों ने भी इस युद्धविराम का जोरदार तरीके से जश्न मनाया. दोनों देशों के बीच पिछले 2 सालों से भीषण युद्ध चल रहा था जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में हजारों मासूम बच्चे भी शामिल थे जिनका कोई कुसूर नहीं था, कई तो ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी आंखें तक नहीं खोली थीं.