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जर्मनी क्रिसमस हमले में 5 भारतीय भी हुए घायल, भारत सरकार हुई एक्टिव, लोगों से कर रही संपर्क

जर्मनी में क्रिसमस की तैयारी की जा रही थी, इसके लिए बाजार भी लगाया गया. लेकिन पूरा माहौल तब बदल गया, जब एक हाई स्पीड कार ने अपने रफ्तार से कई लोगों को घायल कर दिया. हालांकि वहां की पुलिस द्वारा इसे केवल एक दुर्घटना बताई गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
जर्मनी क्रिसमस हमले में 5 भारतीय भी हुए घायल, भारत सरकार हुई एक्टिव, लोगों से कर रही संपर्क
Courtesy: Social Media

Germany Christmas Attack: जर्मनी में खुशियों के त्योहार के बीच तब हाहाकार मच गया, जब वहां के सड़क पर बेकाबू रफ्तार ने कई लोगों को अपना निशाना बनाया . लोगों द्वारा इसे एक हमला बताया जा रहा है, वहीं जर्मनी पुलिस द्वारा इसे एक दुर्घटना बताई गई है.

इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई, वहीं 200 लोग घायल हो गएं. सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. भारतीय मिशन ने घायलों और उनके परिवारों से संपर्क बनाए रखा है.

मदद करने में जुटी भारत सरकार 

भारत की ओर से विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक ब्यान जारी करते हुए कहा कि हम मैगडेबर्ग में हुए इस घिनौने और बेवकूफी भरे हमले की निंदा करते हैं. कई निर्दोष लोग मारे गए और घायल हुए. हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. बयान में यह भी कहा गया कि जर्मनी में भारतीय मिशन घायल भारतीय नागरिकों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है. 

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

यह भीषण घटना शुक्रवार शाम की है. जब मैगडेबर्ग के क्रिसमस बाजार में एक कार भीड़ में घुस गई. इसमें एक बच्चे सहित कम से कम पांच लोगों की जान गई. पुलिस ने 50 वर्षीय सऊदी अरब के डॉक्टर तालेब को संदिग्ध चालक के रूप में गिरफ्तार किया है.  

अपराधियों को  गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे पास अब कोई और खतरा नहीं है क्योंकि संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच में सामने आया है कि तालेब ने हमले में इस्तेमाल BMW कार किराए पर ली थी. हालांकि कार में विस्फोटक होने की आशंका को बाद में खारिज कर दिया गया.

इस्लाम विरोधी आरोपी

संदिग्ध तालेब एक मनोचिकित्सक है, जो जर्मनी में करीब दो दशकों से रह रहा था. वह बर्नबर्ग में नशे की लत वाले अपराधियों के पुनर्वास केंद्र में कार्यरत था, लेकिन अक्टूबर से काम से अनुपस्थित था. रिपोर्ट के अनुसार उसके सोशल मीडिया पोस्ट इस्लाम विरोधी और दक्षिणपंथी समूहों का समर्थन दिखाते हैं.  जर्मनी के गृह मंत्री नैन्सी फ़ेसर ने संदिग्ध के इस्लामोफोबिया की ओर इशारा किया. लेकिन मकसद पर टिप्पणी करने से परहेज किया.