'रूस को फिर से छोटा बनाओ', अचानक क्यों चर्चा में आया यूक्रेन का 'ट्रंप कैफेटेरिया' और उसका ये फेमस नारा
अधिकांश यूक्रेनियन रूस को फिर से उसके पुराने मॉस्को प्रांत के सीमित रूप में देखना चाहते हैं. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति और रूस के खिलाफ उनकी क्षमता को लेकर जनता के बीच राय बंटी हुई है. कैफेटेरिया के प्रबंधक रोमन क्रावत्सोव, जो डोनेत्स्क से ताल्लुक रखते हैं, ट्रंप को "निर्णायक और निडर" नेता मानते हैं. उन्होंने कहा, "ट्रंप एक आदमी हैं जो अपने शब्दों पर खरे उतरते हैं."
यूक्रेन की राजधानी कीव में एक अनोखा कैफेटेरिया चर्चा में है. इसका नाम है "ट्रंप कैफेटेरिया" और इसका नारा—"रूस को फिर से छोटा बनाओ" (Make Russia Small Again)—संभवतः डोनाल्ड ट्रंप के प्रसिद्ध नारे "अमेरिका को फिर से महान बनाओ" (Make America Great Again) से प्रेरित है. यह नारा कैफेटेरिया के केक और डोनट्स काउंटर के ऊपर चमकता दिखाई देता है, जो यूक्रेन के लोगों की रूस विरोधी भावना को प्रदर्शित करता है.
यूक्रेन के नागरिकों की विविध राय
अधिकांश यूक्रेनियन रूस को फिर से उसके पुराने मॉस्को प्रांत के सीमित रूप में देखना चाहते हैं. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति और रूस के खिलाफ उनकी क्षमता को लेकर जनता के बीच राय बंटी हुई है. कैफेटेरिया के प्रबंधक रोमन क्रावत्सोव, जो डोनेत्स्क से ताल्लुक रखते हैं, ट्रंप को "निर्णायक और निडर" नेता मानते हैं. उन्होंने कहा, "ट्रंप एक आदमी हैं जो अपने शब्दों पर खरे उतरते हैं."
क्रावत्सोव को उम्मीद है कि ट्रंप अपने व्यवसायिक और राजनीतिक कौशल से युद्ध का समाधान निकाल सकते हैं. हालांकि, उन्हें डर है कि यूक्रेन ट्रंप की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर नहीं है. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यूक्रेन उनके शीर्ष पांच मुद्दों में भी होगा."
यूक्रेन के राष्ट्रपति और सैनिकों की चिंताएं
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, "हम रूस के खिलाफ स्थायी सुरक्षा गारंटी चाहते हैं." हालांकि, फ्रंटलाइन सैनिक पश्चिम की विफलता और रूस के प्रति उसकी ढुलमुल नीति से निराश हैं. 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया और पश्चिमी देशों के प्रतिबंध भी उसे नहीं रोक सके. 2022 में शुरू हुए आक्रमण में भी यूक्रेन को हथियारों और विमानों की आपूर्ति में देरी से नुकसान उठाना पड़ा.
ड्रोन हमलों से बदला लेने की कोशिश
हाल ही में, यूक्रेन ने रूस पर 200 ड्रोन का अब तक का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें रूसी सेना के तेल भंडार और रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा. सैन्य विश्लेषक पाव्लो नारोज़नी ने कहा, "रूसी रणनीतिक बमवर्षकों के लिए जरूरी ईंधन उत्पादन को प्रभावित करना अहम है."
भविष्य का सवाल
यूक्रेन की नाटो और यूरोपीय संघ में सदस्यता अभी भी विवादों में है. यदि इसे रोका गया तो देश के प्रगतिशील राजनेताओं के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.