क्या PM मैटैरियल साबित होंगी मायावती! जानें INDIA गठबंधन में शामिल होने को लेकर BSP ने क्या रखी शर्त?

BSP ने  I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल होने को लेकर शर्त रख दी है. बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर इंडिया गठबंधन मायावती को पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट करती है तो BSP इंडिया गठबंधन में शामिल हो सकती है. 

Avinash Kumar Singh

नई दिल्ली: 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दलों के बीच तैयारियां जोरों पर है. इसी बीच BSP ने  I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल होने को लेकर शर्त रख दी है. बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर इंडिया गठबंधन मायावती को पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट करती है तो BSP इंडिया गठबंधन में शामिल हो सकती है. 

मायावती के चेहरे पर जुड़ेंगे दलित मतदाता

बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने अपने बयान में आगे कहा "गठबंधन के लिए जीत का फॉर्मूला बिल्कुल साफ है. 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 41.3 प्रतिशत वोट मिले. वहीं इंडिया गठबंधन बनाने वाली पार्टियों को लगभग 40 प्रतिशत वोट मिले और बसपा को लगभग 13 प्रतिशत वोट मिले. अगर बसपा गठबंधन में शामिल होती है तो वोट प्रतिशत 50 फीसदी से ऊपर चला जाएगा जो बीजेपी से सत्ता से बेदखल करने के लिए काफी है. मायावती देश की सबसे बड़ी दलित नेता हैं और सभी राज्यों में उनका समर्थन किया जाता है. मायावती को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने से बीजेपी से जुड़े हुए दलित मतदाता भी वापस आ जाएंगे."

जानें BSP को लेकर सपा ने क्या उठाए सवाल? 

इससे पहले इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक में समाजवादी पार्टी ने BSP को इंडिया ब्लॉक में शामिल करने के कदम का विरोध किया था. एक नई तस्वीर बीते दिनों इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान उभर कर सामने आई. जहां सपा नेता रामगोपाल यादव ने कांग्रेस से बसपा को लेकर स्टैंड क्लियर करने को कहा. दरअसल इंडिया गठबंधन की बैठक में सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि कांग्रेस को यह तस्वीर साफ करना चाहिए कि क्या वे बीएसपी के संपर्क में है? ऐसी जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस बीएसपी से गठबंधन करने के पक्ष में है. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमें किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. रामगोपाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि अगर बसपा इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनती है तो सपा गठबंधन से खुद को अलग कर लेगी. अगर बसपा इस गठबंधन का हिस्सा बनती है तो तो सपा इसका हिस्सा बनने को तैयार नहीं होगी. उनकी बातें सुनी गई और उनकी बात समझी गई और इस पर खरगे साहब ने कहा कि अफवाहों को तूल न दें. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और सपा की दोस्ती कितनी परवान चढ़ती है और 2024 महासमर में क्या गुल खिलाती है?