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NEET Row: क्या है एंटी-पेपर लीक कानून, किन गड़बड़ियों पर होगा एक्शन? पढ़ें एक-एक डीटेल

NEET और NET परीक्षाओं को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) सवालों के घेरे में हैं. इस स्कैम में बिहार से लेकर सूरत तक के तार जुड़े हुए हैं. पेपर आउट होने से लेकर गेस्ट हाउस में अभ्यर्थियों को पेपर रटाने तक के आरोपों के बीच, केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है. अब देश में एंटी पेपर लीक कानून लागू हो गया है. आइए जानते हैं क्या हैं इस कानून की बारीकियां?

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NEET और NET एग्जाम में हुई धांधली के बाद के बाद अब केंद्र सरकार ने देश में एंटी पेपर लीक कानून लागू कर दिया है. इस कानून का नाम 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 है. लगातार पेपर लीक के बाद आनन-फानन में केंद्र सरकार ने आधी रात में इस कानून के नोटिफिकेशन को जारी किया है. माना जा रहा है कि इस कानून के बाद पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगेगी. इसके प्रावधान बेहद कठोर हैं. 

अब अगर कोई पेपर लीक करने में शामिल होता है, या आंसर शीट बदलता है, या जुगाड़ से परीक्षा देता है तो उसे कम से कम 3 साल की सजा होगी और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. जो परीक्षा केंद्र धांधली में शामिल होगा, उस पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और जेल भी हो सकती है. NEET और NET परीक्षाओं में धांधली सामने आने के बाद केंद्र को यह कदम उठाना पड़ा. अभी तक केंद्र सरकार के पास पेपर लीक से निपटने के लिए कोई इस तरह का स्पष्ट कानून नहीं था. 

कब पास हुआ था ये कानून?

वैसे केंद्र सरकार, पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024, फरवरी में ही लेकर आई थी. 12 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिल पर हस्ताक्षर किए थे. अब इस कानून को लागू कर दिया गया है. इस कानून की जद में केंद्र के सभी मंत्रलायों और विभागों के तहत आने वाली परीक्षाएं आएंगी. अगर एग्जाम सेंटर भी दोषी पाए जाते हैं तो 4 साल तक एग्जाम कराने पर उन पर रोक लगेगी. सरकार उनकी संपत्ति भी कुर्क कर सकती है. आइए जानते हैं इस कानून की क्या हैं बारीकियां?

1. अगर कोई पेपर लीक करने में शामिल होता है, या पेपर लीक में किसी का सहयोग करता है तो वह इस कानून के दायरे में आएगा.
2. अगर किसी के पास, प्रश्न पत्र होगा या परीक्षाओं की OMR शीट अनाधिकृत रूप से होगी तो भी वह कानून के दायरे में होगा.
3. परीक्षा लिखने में अगर कोई किसी की मदद लेगा तो वह भी कानून के दायरे में आएगा. 
4. परीक्षा के दौरान छात्र की मदद करना अपराध है. 
5. अगर कॉपियों की चेकिंग के दौरान नंबरों के साथ कोई अनधिकृत व्यक्ति हेरफेर करता है, तो इसे भी अपराध के दायरे में लाया गया है.
6. मेरिट के दस्तावेजों में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, सार्वजनिक परिक्षाओं में नकल रोकने के लिए तय किए गए संसाधनों में दखल भी गंभीर अपराध होगा. 
7. अगर कंप्युटर बेस्ड एग्जाम हो रहे हैं तो पेपर लीक करना, सिस्टम में छेड़छाड़ करना, डेट और सीट अरेंजमेंट में छेड़छाड़ करना भी गंभीर अपराध होगा.
8. किसी भी विजिलेंस अधिकारी, एग्जामिनर को धमकाना, उसे काम न करने देना भी गंभीर अपराध माना जाएगा. 
9. परीक्षा से संबंधित नकली वेबसाइट बनाना, फर्जी एडमिक कार्ड बनाना, धांधली से परीक्षाएं कराना भी अपराध होगा. 
10. एग्जाम सेंटर में छात्र और परीक्षार्थी के अलावा किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी. अगर कोई सरकारी अधिकारी भी गैर अधिकृत तरीके से दाखिल होता है तो उसके खिलाफ एक्शन होगा.