Train Derail: हावड़ा में बड़ा ट्रेन हादसा! नवलपुर में सिकंदराबाद-शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस के 5 डिब्बे पटरी से उतरे

पश्चिम बंगाल में आज सुबह एक ट्रेन के तीन डिब्बे डिरेल हो गए. जानकारी के अनुसार सुबह 5.40 बजे सिकंदराबाद-शालीमार ट्रेन के तीन डब्बे डिरेल हो गए.

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Mayank Tiwari

Train Derail: पश्चिम बंगाल के हावड़ा में शनिवार (9 नवंबर) को हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां नालपुर स्टेशन के पास सिकंदराबाद-शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22850) के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए. इस दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ओमप्रकाश चरण ने कहा, यह घटना तीन डिब्बों से जुड़ा था, जिनमें से एक बी1 डिब्बा था. आज सुबह हुई इस दुर्घटना ने यात्रियों और अधिकारियों दोनों के बीच चिंता पैदा कर दी है. हालांकि, ओमप्रकाश चरण ने पुष्टि की है कि अभी तक किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमप्रकाश चरण ने बताया, "सुबह 5:31 बजे सिकंदराबाद-शालीमार वीकली एक्सप्रेस ट्रेन मध्य लाइन से डाउन लाइन पर जाते समय पटरी से उतर गई. एक पार्सल वैन और दो यात्री डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. हालांकि, इस घटना में किसी बड़ी चोट या हताहत की खबर नहीं है. यात्रियों के लिए आगे की यात्रा के लिए करीब 10 बसों की व्यवस्था कर ली गई है जिनसे यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा. सर्वे का कार्य जारी है. सभी यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने के बाद बहाली का कार्य किया जा रहा है.।

जानिए क्या है पूरा मामला?

वहीं,ये हादसा हावड़ा-खड़गपुर रेल मार्ग पर हुआ, जहां अचानक ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतर गए. ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सफर कर रहे थे. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर आरपीएफ, जीआरपी पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीम ने पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सभी प्रभावित यात्रियों को धीरे-धीरे सुरक्षित निकाला जा रहा है. कई यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है.

पिछले 5 सालों में 200 रेल दुर्घटनाओं ने झेली ़घटनाएं

दरअसल, पिछले 5 सालों में 200 रेल दुर्घटनाओं में 351 लोग मारे गए और 970 घायल हुए, ऐसा द हिंदू ने भारतीय रेलवे द्वारा 17 रेलवे जोनों से साझा किए गए आंकड़ों के हवाले से बताया. इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने कोलकाता स्थित सार्वजनिक उपक्रम ब्रेथवेट एंड कंपनी का निरीक्षण करते हुए कहा था कि 10 साल पहले हर साल 171 दुर्घटनाएं होती थीं, जो अब घटकर 40 दुर्घटनाएं रह गई हैं.