Weather Update: रविवार को उत्तर भारत में रहेगा ठंड का कहर, दक्षिण में बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रविवार की सुबह उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है.
नई दिल्ली: उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रविवार की सुबह उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है. पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सुबह के समय स्थिति और भी गंभीर होने की संभावना है.
मैदानी राज्यों में कोल्ड डे का अलर्ट
प्रमुख विशेषज्ञ के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 जनवरी को किसी बड़े मौसमी बदलाव की उम्मीद नहीं है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहेगा. विशेष रूप से राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और जयपुर जैसे शहरों में रात और सुबह की ठंड और अधिक परेशान कर सकती है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में भी ठिठुरन बनी रहेगी.
कोहरे का हाल: कहां मिलेगी राहत?
राहत की बात यह है कि घने कोहरे का क्षेत्र अब सीमित होता जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार:
घना कोहरा: पंजाब और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के चुनिंदा इलाकों (जैसे भरतपुर, अलवर और कोटा) में ही घना कोहरा देखने को मिलेगा.
मध्य प्रदेश: ग्वालियर और गुना जैसे क्षेत्रों में कोहरे के कुछ पैच दिखाई दे सकते हैं.
यूपी और बिहार: इन राज्यों में कोहरे की स्थिति में सुधार होगा. यदि कोहरा बना भी, तो वह अधिक समय तक नहीं टिकेगा.
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम लाएगा बारिश
उत्तर भारत जहां ठंड से ठिठुर रहा है, वहीं दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक मौसमी सिस्टम के कारण तटीय तमिलनाडु में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. केरल, तटीय कर्नाटक और बेंगलुरु में बादल छाए रहेंग. यह बादलों का प्रभाव दक्षिणी महाराष्ट्र के पुणे, सांगली, सतारा और कोल्हापुर तक फैल सकता है, जहां हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.
ठंड का प्रकोप
बतां दें कि इस अनुसार अब ठंड का प्रकोप बढ़ता जाएगा. रविवार को उत्तर भारत के निवासियों को एक और ठंडी सुबह का सामना करना पड़ेगा. जबकि दक्षिणी और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी.