I-PAC डायरेक्टर विनेश चंदेल दिल्ली से गिरफ्तार, ED का दावा- हवाला के जरिए कंपनी तक पहुंची काली कमाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी मामले में चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक (I-PAC) के निदेशक विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है. उन पर अवैध खनन से जुड़ी 20 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और उसकी तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जांच एजेंसी ने सोमवार को राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक (I-PAC) के निदेशक विनेश चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.

अधिकारियों के मुताबिक, विनेश चंदेल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के कड़े प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया है. उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा. यह कार्रवाई जांच एजेंसी द्वारा 2 अप्रैल को आई-पैक के ठिकानों पर की गई ताज़ा ताजा छापेमारी के ठीक बाद हुई है. गौरतलब है कि उस दौरान चंदेल के अलावा एक अन्य निदेशक ऋषि राज सिंह और आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर के परिसरों की भी तलाशी ली गई थी.

20 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग और 'हवाला' का जाल 

केंद्रीय एजेंसी का गंभीर आरोप है कि पश्चिम बंगाल में कोयला खनन रैकेट के जरिए जो काली कमाई पैदा की गई, उसका करीब 20 करोड़ रुपया 'हवाला' चैनलों के माध्यम से आई-पैक तक पहुंचाया गया था. ED इस अपराध की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध धन का इस्तेमाल कहां और किस रूप में किया गया.

जनवरी की छापेमारी और सियासी घमासान 

इससे पहले इसी साल जनवरी में भी आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर हुई छापेमारी ने कानूनी और राजनीतिक रूप ले लिया था. उस वक्त मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच एजेंसी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया था कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ED तृणमूल कांग्रेस (TMC) का डेटा चुराने और चुनाव रणनीतियों से संबंधित दस्तावेजों को जब्त करने की कोशिश कर रही है. बनर्जी ने इस पूरी कार्रवाई को विपक्षी दलों को कमजोर करने की साजिश करार दिया था.

क्या है बंगाल का कोयला घोटाला मामला? 

मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच दरअसल साल 2020 में सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है, जिसमें पश्चिम बंगाल के कुनुस्तोरिया और कजोरा स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की खदानों से अवैध रूप से कोयला निकालने का आरोप लगाया गया था. इस मामले में ED पहले भी TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है, जिन पर इस अपराध के लाभार्थी होने का संदेह जताया गया था.

आई-पैक का पक्ष और कानूनी लड़ाई 

आई-पैक ने अपने आधिकारिक बयान में खुद को एक पेशेवर और पारदर्शी राजनीतिक परामर्शदाता फर्म बताया है. कंपनी का कहना है कि वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव से मुक्त होकर काम करते हैं. जांच एजेंसी की कार्रवाई पर चिंता जताते हुए फर्म ने कहा कि वे जांच प्रक्रिया में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और देश के नियम व कानून का पूरा सम्मान करते हैं.