Independence Day 2026

Independence Day 2026: ‘वंदे मातरम्’, लाल किले पर आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रगीत का पूर्ण प्रस्तुतीकरण

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण आधिकारिक समारोह का हिस्सा बना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण के बाद स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई.

ANI
Reepu Kumari

नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ऐसा ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जो आजादी के बाद पहली बार आधिकारिक समारोह का हिस्सा बना. राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण पूरे सम्मान के साथ प्रस्तुत किया गया और इसकी गूंज ने समारोह को नई पहचान दे दी. राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस विशेष प्रस्तुति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शामिल किया गया. ध्वजारोहण, सैन्य सम्मान, पुष्पवर्षा और राष्ट्रगान के साथ यह समारोह परंपरा, स्वदेशी गौरव और राष्ट्रीय सम्मान का अनोखा संगम बन गया.

ध्वजारोहण के साथ बना नया इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया. उसी क्षण 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन के जरिए 21 तोपों की सलामी दी, जिससे समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ. इसके तुरंत बाद सेना के बैंड ने पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण प्रस्तुत किया. यह क्षण समारोह का सबसे ऐतिहासिक पल माना गया.

आसमान से बरसे फूल, दो हेलीकॉप्टर बने आकर्षण

ध्वजारोहण के बाद भारतीय वायुसेना के दो Mi 17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर पहुंचे और समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा की. दोनों हेलीकॉप्टरों की भूमिका इस बार विशेष रूप से अलग रखी गई थी. एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज के साथ उड़ान भर रहा था, जबकि दूसरा ‘वंदे मातरम्’ अंकित ध्वज का प्रतिनिधित्व कर रहा था. आसमान से बरसते फूलों ने पूरे आयोजन को भव्य बना दिया.


प्रधानमंत्री बोले, आजादी के बाद पहली बार हुआ ऐसा

राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया है. उन्होंने इसे राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण अवसर बताया. प्रधानमंत्री के भाषण के बाद समारोह की परंपरा के अनुसार राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया गया. दोनों राष्ट्रीय प्रतीकों की यह क्रमिक प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही.

राष्ट्रीय गीत को मिला राष्ट्रगान जैसा कानूनी संरक्षण

हाल ही में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिली है. संशोधित कानून के तहत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है. अब राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध माना जाएगा. ऐसे मामलों में कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है.

150 वर्षों की विरासत को मिला राष्ट्रीय सम्मान

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और अंत में भी ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण प्रस्तुत किया गया था. यह पहली बार था जब इसे राष्ट्रीय समारोहों में इतने व्यापक रूप से शामिल किया गया. राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि स्वदेशी आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ जन जन का गीत बन गया था. 150 वर्ष बाद लाल किले पर इसकी ऐतिहासिक प्रस्तुति ने उस विरासत को नई पीढ़ी के सामने फिर से जीवंत कर दिया.