तमिलनाडु का सियासी खेल बदला! सीएम विजय के TVK गठबंधन को मिला ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ नाम
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ गठबंधन को ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ नाम दिया गया है. गठबंधन की बैठक में नाम तय हुआ, हालांकि वाम दलों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया.
तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन को लेकर बुधवार को बड़ा फैसला हुआ. मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में टीवीके मुख्यालय में हुई बैठक के बाद गठबंधन का आधिकारिक नाम ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ रखा गया. बैठक में कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल के प्रमुख नेता शामिल हुए, जबकि वाम दलों ने दूरी बनाए रखी.
विजय की अध्यक्षता में तय हुआ गठबंधन का नाम
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में गठबंधन की बैठक की अध्यक्षता की. यह चुनाव के बाद गठबंधन सरकार बनने के बाद इस तरह की दूसरी बड़ी बैठक थी. बैठक का मुख्य उद्देश्य गठबंधन की औपचारिक संरचना तय करना और उसके लिए आधिकारिक नाम पर सहमति बनाना था. बैठक के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन को ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ नाम दिए जाने की घोषणा की गई. इसे सरकार के सहयोगी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
कांग्रेस समेत कई सहयोगी दल बैठक में पहुंचे
बैठक में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी. माणिकम टैगोर के साथ पार्टी के राज्यसभा सदस्य और विधानसभा फ्लोर लीडर प्रवीण चक्रवर्ती तथा थरहाई कथबर्ट शामिल हुए. मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वरिष्ठ नेता वाइको और उनके बेटे दुरई ने भी बैठक में हिस्सा लिया. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के केएम कादर मोहिदीन, एएम शाहजहां और सैयद फारूक बाशा भी मौजूद रहे. हालांकि, सरकार का समर्थन कर रहे सीपीआई और सीपीआई(एम) के नेताओं ने बैठक से दूरी रखी.
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2026 के चुनाव में टीवीके को मिली बड़ी जीत
टीवीके ने इस साल हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरकर 108 सीटें जीती थीं. इसके बाद विजय के नेतृत्व में सरकार बनी. सरकार बनाने के लिए उन्हें कम से कम 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी. कांग्रेस के पांच विधायक टीवीके सरकार का समर्थन कर रहे हैं. इसके अलावा आईयूएमएल के दो और वीसीके व वाम धड़े के दो विधायक बाहरी समर्थन दे रहे हैं. चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपना पुराना गठबंधन खत्म कर टीवीके को समर्थन देने का पत्र सौंपा था.
गठबंधन के बीच पीएम उम्मीदवार को लेकर खींचतान
गठबंधन का नाम ऐसे समय तय किया गया है, जब कांग्रेस और टीवीके के बीच राजनीतिक मतभेद की चर्चा भी चल रही है. तमिलनाडु कांग्रेस के नेताओं ने कथित तौर पर कहा था कि यदि टीवीके 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन नहीं करता है, तो राज्य सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं.
पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने भी इसी तरह का रुख जाहिर किया था. दूसरी ओर, टीवीके लगातार विजय को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में गठबंधन का नया नाम सामने आने के साथ दोनों दलों के बीच आगे की राजनीतिक दिशा पर भी नजर रहेगी.