तिरुपति मंदिर का प्रसाद विवादों के घेरे में है. तिरुपति मंदिर के प्रसाद (लड्डू) में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल होने की बात सामने आने के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. अब इसके बीच तेलंगाना के खम्मम जिले की एक श्रद्धालु ने पवित्र तिरुपति लड्डू को लेकर गंभीर आरोप लगाई है. उसने आरोप लगाया है कि घर लाए गए प्रसाद में उसे कागज में लिपटे तंबाकू के टुकड़े मिले. यह घटना पवित्र प्रसाद की तैयारी में पशु वसा के उपयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई है .
गोल्लागुडेम पंचायत के कार्तिकेय टाउनशिप की निवासी डोंथु पद्मावती ने बताया कि 19 सितंबर को तिरुमाला मंदिर की यात्रा के बाद उन्हें इस तम्बाकू के बारे में पता चला. कई अन्य भक्तों की तरह, पद्मावती भी दिव्य आशीर्वाद के प्रतीक के रूप में अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ बांटने के लिए तिरुपति लड्डू लेकर आईं. पद्मावती ने अपनी गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, 'जब मैंने लड्डू बांटने के लिए खोला, तो मुझे एक छोटे से कागज में लिपटे तंबाकू के टुकड़े देखकर बहुत बुरा लगा. प्रसाद को पवित्र माना जाता है, और उसमें इस तरह की मिलावट देखना दिल तोड़ने वाला है.'
Amber (Tobacco/Gutka) cover is found in Tirumala Laddu Prasada
Please don't play with sentiments of the devotees 🙏🙏🙏#TirupatiLaddu #Tirumalapic.twitter.com/8Z4CnN3hk2— ಕನ್ನಡ ಡೈನಾಸ್ಟಿ (@Kannadadynasty) September 24, 2024Also Read
गुजरात की एक निजी लैब की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नायडू ने आरोप लगाए कि लड्डू बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला घी शुद्ध नहीं है. जांच में पुष्टि हुई कि घी आपूर्तिकर्ताओं में से एक, एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड ने मंदिर को आपूर्ति किए जाने वाले घी में पशुओं की चर्बी मिलाई थी. मंदिर को घी सप्लाई करने वाले निर्माता जब बाजार भाव से काफी कम दाम पर घी सप्लाई कर रहे थे, तब मंदिर संगठन से जुड़े लोगों को शक होने लगा. घी की शुद्धता की जांच कराई गई.
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि उनके शासन में कोई उल्लंघन नहीं हुआ. रेड्डी ने नायडू पर "भगवान के नाम पर राजनीति" करने का आरोप लगाया है.